दिल्ली की बेटियों को रेखा गुप्ता सरकार का बड़ा तोहफा, ‘लखपति बिटिया योजना’ को मिली मंजूरी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ को मंजूरी दे दी गई है. इसका उद्देश्य बेटियों को बेहतर आर्थिक सहारा और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाना है.

दिल्ली सरकार ने बेटियों के भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में ‘दिल्ली लखपति बिटिया योजना’ को मंजूरी दे दी गई है. इस फैसले के साथ ही वर्ष 2008 से लागू ‘लाडली बेटी’ योजना को नए और व्यापक स्वरूप में लागू करने का निर्णय लिया गया है.
आर्थिक सहायता की राशि बढ़ी
यह योजना दिल्ली लखपति बिटिया योजना के नाम से जानी जाएगी, जिसका उद्देश्य बेटियों को बेहतर आर्थिक सहारा और आत्मनिर्भरता की ओर ले जाना है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक लाडली योजना के तहत बेटियों को कुल 36 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिलती थी. नई योजना में इस राशि को बढ़ाकर 56 हजार रुपये कर दिया गया है. इसके अलावा, विभिन्न चरणों में जमा होने वाले ब्याज को जोड़ने के बाद कुल सहायता राशि लगभग 1 लाख रुपये तक पहुंच जाएगी. सरकार का मानना है कि यह बढ़ी हुई राशि बेटियों की शिक्षा और भविष्य की योजनाओं में बड़ी मदद साबित होगी.
इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें बेटियों की पढ़ाई के हर महत्वपूर्ण पड़ाव को ध्यान में रखा गया है. बेटी के जन्म से लेकर स्कूल, कॉलेज और उच्च शिक्षा तक अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी. मुख्यमंत्री रेखा ने कहा कि इस योजना का मकसद केवल वित्तीय मदद देना नहीं, बल्कि बेटियों को आत्मनिर्भर बनाना और उनकी शिक्षा को बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ाना है. योजना के तहत ग्रेजुएशन पूरी करने पर बेटियों को 20 हजार रुपये की अतिरिक्त राशि दी जाएगी, ताकि वे आगे की पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं या करियर की शुरुआत कर सकें.
160 करोड़ रुपये का बजट तय
दिल्ली सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए 160 करोड़ रुपये का बजट तय किया है. एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को इस योजना का लाभ मिलेगा. सरकार का कहना है कि इससे न केवल आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि समाज में बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच को भी मजबूती मिलेगी. परिवारों को बेटियों की शिक्षा और भविष्य में निवेश करने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा.
गौरतलब है कि लाडली बेटी योजना की शुरुआत वर्ष 2008 में बेटियों की शिक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई थी. समय के साथ बढ़ती महंगाई और बदलती जरूरतों को देखते हुए सरकार ने इसे नए और विस्तारित रूप में लागू करने का फैसला किया है. दिल्ली लखपति बिटिया योजना उसी सोच का अगला कदम है, जिसमें बेटियों को पढ़ाई पूरी होने तक मजबूत आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी.
रेखा गुप्ता सरकार का दावा
रेखा गुप्ता सरकार का दावा है कि यह योजना दिल्ली की बेटियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी. इससे स्कूल और कॉलेजों में बेटियों की भागीदारी बढ़ेगी और वे आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों को साकार कर सकेंगी. मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार आगे भी बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य को प्राथमिकता देते हुए ऐसे फैसले लेती रहेगी.


