भाजपा की पुणे जीत में जनता ने मोदी को स्वीकारा, अजीत पवार को नहीं नकारा: फडणवीस

पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम चुनावों में भाजपा ने जोरदार जीत हासिल की, जिसे मुख्यमंत्री फडणवीस ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और पार्टी की विकास नीति का परिणाम बताया. उन्होंने साफ किया कि यह अजीत पवार के खिलाफ नहीं है और भाजपा खुद को जनता का सेवक मानती है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुणे और पिंपरी-चिंचवाड़ नगर निगम चुनावों में भाजपा की शानदार जीत को उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के व्यक्तिगत नेतृत्व से जोड़ने से साफ इंकार किया और इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और पार्टी की विकास नीतियों को दिया. 

पुणे का ‘दादा’ पर फडणवीस ने क्या कहा?

फडणवीस की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब पवार परिवार का गढ़ माने जाने वाले इन क्षेत्रों में एनसीपी को करारी हार का सामना करना पड़ा. फडणवीस ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि चुनाव परिणाम अजीत पवार के खिलाफ नहीं हैं. उन्होंने कहा कि जनता ने अजीत पवार को नहीं नकारा, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के दृष्टिकोण को स्वीकार किया है. जब उनसे पूछा गया कि अब पुणे का ‘दादा’ कौन होगा, तो फडणवीस ने विनम्रता से कहा कि पुणे की जनता ही दादा है और हम उनके सेवक हैं. उनके इस बयान को जनता के जनादेश की स्वीकृति के रूप में देखा जा रहा है और यह दर्शाता है कि भाजपा खुद को जनता की सेवा में प्रतिबद्ध मानती है.

पुणे नगर निगम में भाजपा ने 165 सीटों में से 119 सीटें जीतकर एनसीपी के अजीत पवार गुट को केवल 27 सीटों पर सीमित कर दिया. शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को महज 3 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 15 सीटें हासिल कीं. इसी तरह, पिंपरी-चिंचवाड़ में भाजपा ने 128 सीटों में से 84 पर कब्जा करके स्पष्ट बहुमत सुनिश्चित किया. इस जीत ने दोनों क्षेत्रों में भाजपा की पकड़ को और मजबूत किया.

फडणवीस ने मतदाताओं को दिया धन्यवाद 

फडणवीस ने मतदाताओं का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी भारी समर्थन ने पार्टी को शानदार जीत दिलाई. उन्होंने इस जनादेश के साथ आने वाली जिम्मेदारी को भी स्वीकार किया और कहा कि पार्टी चुनाव प्रचार में किए गए वादों को पूरा करने के लिए और मेहनत करेगी. उन्होंने भाजपा की जीत को प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और विकास और सुशासन पर आधारित दृष्टिकोण का प्रमाण बताया.

उल्लेखनीय है कि चुनाव के दौरान अजीत पवार की कैबिनेट बैठक में अनुपस्थिति ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी. फडणवीस ने बताया कि पवार ने चुनाव वाले दिन उन्हें बैठक में शामिल न होने के कारणों से अवगत कराया था. इन नगर निगम चुनावों में भाजपा ने मतदाताओं के बीच अपने विकास मॉडल और सुशासन के एजेंडे के प्रति भरोसा कायम किया, जबकि एनसीपी के आरोपों के बावजूद जनता ने भाजपा को स्पष्ट बहुमत प्रदान किया.

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