जयपुर के सवाई मान सिंह हॉस्पिटल के ट्रामा सेंटर में लगी आग, 6 लोगों की मौत
Jaipur hospital fire: जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर की आईसीयू में रविवार रात आग लगने से अफरा-तफरी मच गई. हादसे में छह लोगों की मौत हुई, जबकि कई मरीज झुलस गए. दमकल ने 11 मरीजों को बचाया. शुरुआती कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है. जांच और सुरक्षा समीक्षा जारी है.

Jaipur hospital fire: जयपुर स्थित सवाई मानसिंह अस्पताल में रविवार रात भीषण हादसा हुआ. अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर की दूसरी मंजिल पर बने आईसीयू वार्ड में अचानक आग लग गई. घटना के समय वार्ड में कई मरीज भर्ती थे. जैसे ही धुआं और लपटें फैलनी शुरू हुईं, अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई. मरीजों को तुरंत बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू की गई, लेकिन अफसोसजनक रूप से अब तक छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है.
आग लगते ही मची भगदड़
रात करीब साढ़े दस बजे जैसे ही आग लगी, अस्पताल के स्टाफ ने अलार्म बजाकर सभी को सतर्क किया. डॉक्टरों और नर्सों ने मरीजों को स्ट्रेचर और बेड समेत बाहर निकालने का प्रयास किया. कई मरीजों को अस्पताल परिसर के बाहर सड़क पर ही लिटाकर प्राथमिक उपचार देना पड़ा. कुछ परिजन भी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद करते नजर आए.
दमकल की 12 गाड़ियां मौके पर पहुंची
सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की लगभग एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू किया. पुलिस और अस्पताल प्रशासन भी तुरंत सक्रिय हुआ. आईसीयू से कुल 11 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला गया. इनमें से चार से पांच मरीज गंभीर रूप से झुलस गए हैं और उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है. इसके अलावा कुछ अस्पतालकर्मी धुएं के कारण बेहोश हो गए जिन्हें उपचार दिया जा रहा है.
प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट
जयपुर पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ ने बताया कि आग के सही कारण का पता फॉरेंसिक टीम की जांच के बाद ही चल पाएगा. फिलहाल शुरुआती अनुमान के आधार पर शॉर्ट सर्किट को वजह माना जा रहा है. उन्होंने यह भी कहा कि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और परिजनों को सूचना दे दी गई है.
मुख्यमंत्री और मंत्री पहुंचे अस्पताल
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा रात में ही अस्पताल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. उनके साथ उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, मंत्री जवाहर सिंह बेढम और अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे. सीएम ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया. वहीं, कांग्रेस विधायक रफीक खान ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया.
बर्न इंजरी वाले मरीजों का इलाज जारी
अस्पताल प्रशासन ने बताया कि जिन मरीजों को जलने की चोट आई है, उनका उपचार विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में जारी है. मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने जानकारी दी कि सभी मरीजों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया और अब स्थिति नियंत्रण में है.
जांच के आदेश और सुरक्षा समीक्षा
फिलहाल आग की सटीक वजह स्पष्ट नहीं है. स्वास्थ्य विभाग ने उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं. साथ ही अस्पताल में फायर सेफ्टी सिस्टम और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा शुरू हो चुकी है. आपातकालीन प्रभारी डॉ. जगदीश मोदी ने बताया कि आग लगने से पूरे आईसीयू में अंधेरा छा गया था, लेकिन डॉक्टर, नर्स और वार्ड बॉय ने अपनी जान जोखिम में डालकर मरीजों को बाहर निकाला. उन्होंने इस घटना को बेहद दुखद बताया और कहा कि अब सभी वार्ड में अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है.


