बिहार चुनाव से पहले गहलोत की लालू से मुलाकात, सीट बंटवारे और सीएम चेहरे को लेकर घमासान

Bihar Politics: बिहार चुनाव से पहले अशोक गहलोत ने लालू यादव से मुलाकात कर विपक्षी गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर जारी विवाद सुलझाने की कोशिश की. तेजस्वी यादव को सीएम उम्मीदवार बनाने पर कांग्रेस ने कोई स्पष्ट रुख नहीं दिखाया, लेकिन सहयोग की बात कही.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही विपक्षी गठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर तनाव गहराता जा रहा है. इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने बुधवार को राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव से मुलाकात की. माना जा रहा है कि यह बैठक गठबंधन में जारी मतभेदों को सुलझाने और समन्वय बढ़ाने की कोशिश के तहत हुई.

बैठक के बाद गहलोत ने कहा कि महाराष्ट्र में विपक्ष की हार के बाद बिहार का चुनाव बहुत अहम है और इसे जीतना अब उनकी प्राथमिकता है. हालांकि जब उनसे यह पूछा गया कि क्या कांग्रेस, राजद नेता तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार मानने को तैयार है, तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. गहलोत ने सवाल को टालते हुए कहा, "आप मुझसे ऐसी कोई घोषणा क्यों करवाना चाहते हैं?

गौरतलब है कि हाल ही में तेजस्वी यादव ने राहुल गांधी को अगला प्रधानमंत्री बनाए जाने की बात कही थी, जिससे यह संकेत मिला कि दोनों नेताओं के बीच मजबूत तालमेल है. गहलोत ने भी इसे दोहराया और कहा कि मतदाता अधिकार यात्रा के दौरान राहुल और तेजस्वी की केमिस्ट्री सभी ने देखी है और उचित समय पर उचित निर्णय लिया जाएगा.

 सीटों को लेकर खींचतान जारी

इस बीच गठबंधन में सीटों को लेकर खींचतान जारी है. कांग्रेस और राजद क्रमशः 61 और 143 सीटों पर चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन कई क्षेत्रों में दोनों के उम्मीदवार आमने-सामने हैं. साथ ही कांग्रेस, वामपंथी दलों के खिलाफ भी तीन सीटों पर चुनाव लड़ रही है. गहलोत ने इसे ज्यादा तूल न देते हुए कहा कि 5-10 सीटों पर दोस्ताना मुकाबले होना कोई बड़ी बात नहीं है. उम्मीद है कि नामांकन वापसी की अंतिम तारीख तक सब कुछ सुलझा लिया जाएगा.

हालांकि जिन पांच सीटों पर विवाद है, वे पहले चरण में आती हैं, जिनके लिए नाम वापसी की मियाद खत्म हो चुकी है. गहलोत ने यह भी कहा कि बिहार चुनाव केवल एक राज्य का चुनाव नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करेगा. उन्होंने कहा कि यह जरूरी है कि एनडीए को जवाब मिले, जिसने सामाजिक सौहार्द और आर्थिक स्थिरता को नुकसान पहुंचाया है.

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