4.35 करोड़ रुपये रिश्वत लेकर लोकायुक्त ने दी क्लीन चिट...बेंगलुरु में फिर उठा MUDA स्कैम का मामला, बढ़ेंगी सिद्धारमैया की मुश्किलें?
बेंगलुरु में MUDA घोटाले का विवाद फिर भड़का: कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने लोकायुक्त पर पूर्व आयुक्त डीबी नटेश से 4.35 करोड़ रुपये रिश्वत लेकर सिद्धारमैया को क्लीन चिट देने वाली 'बी' रिपोर्ट दाखिल करने का आरोप लगाया. अदालत से स्वतंत्र जांच, फोरेंसिक और वित्तीय जांच की मांग की. विशेष न्यायालय ने पहले क्लीन चिट दी थी, अब नई याचिका पर फैसला बाकी.

बेंगलुरुः बेंगलुरु में MUDA भूमि आवंटन घोटाले का विवाद फिर गरमा गया है. सामाजिक कार्यकर्ता स्नेहमयी कृष्णा ने 81वें अतिरिक्त शहर सिविल और सत्र न्यायालय में नई याचिका दायर की है. इसमें उन्होंने लोकायुक्त अधिकारियों पर पूर्व MUDA आयुक्त डीबी नटेश से 4.35 करोड़ रुपये रिश्वत लेकर 'बी' रिपोर्ट (क्लोजर रिपोर्ट) दाखिल करने का गंभीर आरोप लगाया है.
याचिका में स्नेहमयी ने दावा किया कि यह रिश्वतखोरी सिद्धारमैया और अन्य से जुड़े MUDA मामले को बंद करने के लिए की गई. उन्होंने आपराधिक प्रक्रिया संहिता की धारा 156(3) और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 175(3) के तहत अदालत से स्वतंत्र जांच की मांग की है. उनका कहना है कि आरोपों का समर्थन दस्तावेजी सबूतों से होता है, जिसमें कथित अवैध वित्तीय लेनदेन का पूरा विवरण है.
लोकायुक्त की निष्क्रियता पर सवाल
स्नेहमयी ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नटेश से पूछताछ की अनुमति मांगने के बावजूद कोई कार्रवाई न होने पर भी नाराजगी जताई. उन्होंने तर्क दिया कि यह निष्क्रियता गंभीर संदेह पैदा करती है. उन्होंने मांग करते हुए कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है. याचिका में मांग की गई है कि वरिष्ठ लोकायुक्त अधिकारियों की निगरानी में जांच हो, जिसमें दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच, वित्तीय लेनदेन की गहन पड़ताल और शामिल सभी अधिकारियों से पूछताछ शामिल हो.
यह नई याचिका ऐसे समय में आई है जब विशेष न्यायाधीश संतोष गजानन भट ने हाल ही में लोकायुक्त की "बी" रिपोर्ट को स्वीकार कर लिया था. इस रिपोर्ट से मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, उनकी पत्नी पार्वती बीएम, मल्लिकार्जुन स्वामी और देवराजू को क्लीन चिट मिल गई थी. अदालत ने स्नेहमयी की पुरानी याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें बी रिपोर्ट को रद्द करने और आगे जांच की मांग की गई थी. न्यायालय ने कहा था कि अभियोजन योग्य सबूतों की कमी है.
क्या है MUDA घोटाला?
MUDA घोटाले का आरोप है कि सिद्धारमैया की पत्नी को 14 साइट्स (करीब 56 करोड़ रुपये मूल्य) गलत तरीके से आवंटित किए गए, बदले में 3.16 एकड़ जमीन MUDA को दी गई थी. स्नेहमयी कृष्णा ने 2024 में शिकायत की थी, जिसके बाद गवर्नर ने जांच की अनुमति दी. लोकायुक्त पुलिस ने फरवरी 2025 में समापन रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें सबूतों की कमी बताई गई.
अब स्नेहमयी का नया दावा जांच एजेंसी पर ही सवाल उठाता है. अदालत ने अभी याचिका पर कोई आदेश नहीं दिया है. यह मामला कर्नाटक की राजनीति में तनाव बढ़ा रहा है, जहां विपक्ष इसे भ्रष्टाचार का प्रतीक बता रहा है. स्नेहमयी की मांग है कि जांच स्वतंत्र हो, ताकि सच सामने आए.


