हम दो, हमारे दो दर्जन...यूपी AIMIM अध्यक्ष ने दिया बड़ा बयान, हिंदुओं को भी दी ये नसीहत
मुरादाबाद में AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने जनसभा में विवादित बयान दिया है. उन्होंने कहा, "हम दो, हमारे दो दर्जन". मुसलमानों से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील की, हिंदुओं को भी 14 बच्चे पैदा करने की सलाह दी. सपा पर शराब व्यापार का आरोप लगाया और मुसलमानों पर अत्याचारों का जिक्र किया.

मुरादाबादः उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में रविवार शाम को हुई एक जनसभा में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने जनसंख्या वृद्धि पर ऐसा बयान दिया, जिसने राजनीतिक हलकों में तूफान मचा दिया. उन्होंने मुसलमानों से ज्यादा बच्चे पैदा करने की अपील करते हुए नया नारा दिया - "हम दो, हमारे दो दर्जन."
शौकत अली ने मंच से कहा कि उनके खुद के आठ बच्चे हैं, जबकि उनके बड़े भाई के 16 बच्चे हैं. उन्होंने बताया कि उनकी 97 साल की मां के कम से कम 72 पोते-पोतियां हैं. उन्होंने कहा, "जब अल्लाह बच्चे दे रहा है तो उन्हें स्वीकार करना चाहिए. जितने देता रहे, उतने लेते रहना चाहिए." उनका दावा था कि मुस्लिम आबादी बढ़ने से देश मजबूत होगा. उन्होंने कहा कि कुछ लोग मुस्लिम जनसंख्या बढ़ने से परेशान हैं, लेकिन यह चिंता बेमानी है.
हिंदुओं को भी ज्यादा बच्चे पैदा करने की सलाह
शौकत अली ने हिंदू समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि जो लोग खुद शादी नहीं करते या बच्चे नहीं पैदा करते, वही सलाह देते हैं कि हिंदुओं को सिर्फ चार बच्चे ही होने चाहिए. उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा, "हिंदू भाइयों, चार नहीं, चौदह बच्चे पैदा करो, ताकि देश मजबूत हो सके." उनका कहना था कि आबादी बढ़ने से राष्ट्र की ताकत बढ़ती है.
समाजवादी पार्टी पर तीखा हमला
बयान के दौरान शौकत अली ने समाजवादी पार्टी (सपा) पर भी निशाना साधा. उन्होंने पूर्व कैबिनेट मंत्री कमाल अख्तर का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि सपा वाले खुद शराब का व्यापार करते हैं, लेकिन AIMIM पर भाजपा की 'बी टीम' होने का इल्जाम लगाते हैं. उन्होंने कहा कि सपा की दोहरी नीति है और वे मुसलमानों के मुद्दों पर चुप रहते हैं.
मुसलमानों पर अत्याचारों का जिक्र
शौकत अली ने मुसलमानों के खिलाफ हो रही हिंसा पर भी बात की. उन्होंने आरोप लगाया कि अब हिंदू संगठनों की महिलाएं भी मुसलमानों के साथ बदतमीजी करने लगी हैं. मुरादाबाद में सैकड़ों मदरसे बंद कर दिए गए हैं और उन्हें आतंकवाद का अड्डा बताया जाता है. उन्होंने कहा कि मुस्लिम लड़कियों के सरेआम नकाब खींचे जाते हैं, गोश्त के नाम पर मॉब लिंचिंग होती है, ट्रेन-बस में सफर भी सुरक्षित नहीं है, और दाढ़ी नोची जाती है.
यह बयान AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के लिए नए सिरे से विवाद खड़ा कर रहा है. जनसंख्या नीति पर ऐसे खुले बयान राजनीतिक बहस को तेज कर सकते हैं, खासकर उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में जहां जनसांख्यिकीय बदलाव हमेशा संवेदनशील मुद्दा रहा है.


