RJD अगले चुनाव में जीरो पर...MLC सुनील सिंह को तेज प्रताप ने दी कड़ी चेतावनी, बोले-खुद नहीं सुधरे तो सुधार दिए जाएंगे
तेज प्रताप यादव ने राजद के विधान पार्षद सुनील सिंह को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि वे भी अब जयचंद की भूमिका में आ गए है. उनकी वाणी बहुत बिगड़ गई है. अगर खुद नहीं सुधरे तो सुधार दिए जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि लालू यादव की उनकी पार्टी में कुछ नहीं चलती है. जयचंदों के कारण ही RJD इस बार 25 पर सिमट गई. अगले चुनाव में जीरो पर आ जाएगा.

पटना : बिहार की राजनीति में लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव के बयानों ने एक बार फिर सियासी भूचाल ला दिया है. उन्होंने अपनी ही पार्टी के नेताओं को 'जयचंद' बताकर अंदरूनी कलह को सार्वजनिक कर दिया है. एमएलसी सुनील सिंह के साथ उनका जुबानी जंग अब व्यक्तिगत हमलों तक पहुंच चुका है. तेज प्रताप का मानना है कि इन साजिशकर्ताओं ने पार्टी को दीमक की तरह चाट लिया है और उनके पिता की बातों को अब कोई तवज्जो नहीं देता है.
जयचंद बनाम तेज प्रताप का सीधा मुकाबला
आपको बता दें कि तेज प्रताप यादव ने एमएलसी सुनील सिंह को सीधे तौर पर 'जयचंद' करार दिया है, जो अंदर ही अंदर राजद को खोखला कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि सुनील सिंह केवल उनके पिता के रहमो करम और दया पर ही राजनीति में टिके हुए हैं. तेज प्रताप ने सख्त चेतावनी दी कि अगर उन्होंने अपनी वाणी में सुधार नहीं किया, तो उन्हें सुधार दिया जाएगा. उन्होंने खुद को 'चच्चा' पर भारी पड़ने वाला 'बच्चा' बताकर सुनील सिंह की हैसियत पर बड़े सवाल उठाए हैं.
लालू प्रसाद की साख पर बड़ा सवाल
एक बेहद चौंकाने वाले खुलासे में तेज प्रताप ने दावा किया कि राजद में अब लालू प्रसाद यादव की कोई नहीं सुनता है. उन्होंने आरोप लगाया कि इन जयचंदों के कारण ही पार्टी पिछले चुनाव में केवल 25 सीटों पर सिमट गई थी. उनके अनुसार, इन स्वार्थी नेताओं ने मिलकर पिताजी की विरासत को बर्बाद कर दिया है. तेज प्रताप ने डरावनी भविष्यवाणी की है कि अगर यही स्थिति रही, तो राजद आगामी चुनाव में पूरी तरह शून्य पर आउट हो जाएगी.
जनशक्ति जनता दल का बढ़ता कद
तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी 'जनशक्ति जनता दल' (जेजेडी) की बढ़ती लोकप्रियता को राजद की गिरावट का मुख्य कारण बताया है. उनका दावा है कि राजद के समर्पित कार्यकर्ता सम्मान न मिलने के कारण अब बड़ी संख्या में जेजेडी से जुड़ रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि राजद में असली मेहनत करने वालों का टिकट काटकर उद्योगपतियों को बेचा जा रहा है. चूड़ा-दही भोज में लालू यादव का उन्हें मिला आशीर्वाद उनके बढ़ते प्रभाव का स्पष्ट प्रमाण है.
सुनील सिंह पर लगाया बहन के अपमान करने का आरोप
इस विवाद में पारिवारिक भावनाओं और बहन के सम्मान का मुद्दा भी काफी गहरा गया है. तेज प्रताप ने सुनील सिंह पर अपनी बहन रोहिणी आचार्या का अपमान करने और करवाने का बेहद गंभीर आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति उनकी बहन का सम्मान नहीं कर सकता, उसे बर्दाश्त करने का कोई सवाल ही नहीं उठता. इस व्यक्तिगत आरोप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह लड़ाई अब केवल राजनीतिक न होकर पारिवारिक मान-सम्मान की भी बन चुकी है.
सुनील सिंह का तीखा पलटवार
दूसरी ओर, सुनील सिंह ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए तेज प्रताप की परिपक्वता पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि वे केवल लालू यादव के बड़े बेटे हैं, इसलिए वे गरिमा बनाए हुए हैं और कुछ नहीं बोल रहे. सुनील सिंह के मुताबिक, तेज प्रताप की बातों को कोई गंभीरता से नहीं लेता क्योंकि वे कब किसके करीब आ जाएं, इसका कोई भरोसा नहीं है. उनके अनुसार, तेज प्रताप का राजनीतिक रुख पूरी तरह अनिश्चित और अस्थिर है.


