मातम में बदली खुशियां, कानपुर नर्सिंग होम में स्टाफ की चूक से गई मासूम की जान
कानपुर के बिठूर स्थित एक निजी नर्सिंग होम में स्टाफ की भारी लापरवाही ने एक नवजात की जिंदगी छीन ली. वार्मर मशीन की निगरानी न होने से बच्ची बुरी तरह झुलस गई और तड़प-तड़प कर उसकी मौत हो गई, जिसके बाद अस्पताल से डॉक्टर और स्टाफ फरार हो गए.

कानपुर: कानपुर के बिठूर इलाके से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक निजी नर्सिंग होम में नर्सिंग स्टाफ की गंभीर लापरवाही के चलते नवजात बच्ची की दर्दनाक मौत हो गई. जन्म के कुछ ही घंटों बाद बच्ची को वार्मर मशीन पर रखा गया, लेकिन निगरानी में चूक ने उसकी जिंदगी छीन ली.
यह हादसा राजा नर्सिंग होम में रविवार शाम हुआ, जहां स्वस्थ पैदा हुई नवजात को ठंड से बचाने के नाम पर ICU की वार्मर मशीन में रख दिया गया. मशीन का तापमान अनियंत्रित रूप से बढ़ता रहा और समय पर ध्यान न दिए जाने से मासूम तड़प-तड़प कर दम तोड़ बैठी.
वार्मर मशीन में भूल गया स्टाफ, बढ़ता रहा तापमान
परिजनों के अनुसार, अरुण निषाद की पत्नी शालू ने शाम करीब 4 से 5 बजे के बीच एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया था. डिलीवरी के बाद नर्सों ने नवजात को ICU में मौजूद वार्मर मशीन पर रखा, लेकिन मशीन चालू कर उसकी निगरानी करना भूल गईं. अत्यधिक गर्मी के कारण बच्ची का शरीर झुलस गया और हालत बिगड़ती चली गई.
परिजनों को ICU में जाने से रोका गया
बच्ची के जन्म के बाद घर में खुशियां थीं, लेकिन कुछ ही देर में हालात बदल गए. परिजन लगातार बच्ची को देखने की मांग करते रहे, लेकिन नर्सिंग स्टाफ उन्हें टालता रहा. शक गहराने पर जब परिजन जबरन ICU में दाखिल हुए, तो वहां का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए. नवजात का सिर और हाथ बुरी तरह झुलस चुके थे.
हंगामे के बीच डॉक्टर और स्टाफ फरार
घटना सामने आते ही नर्सिंग होम में हड़कंप मच गया. गुस्साए परिजनों ने जमकर हंगामा किया. स्थिति बिगड़ती देख डॉक्टर विवेक मिश्रा समेत पूरा स्टाफ अस्पताल छोड़कर फरार हो गया. इस रवैये ने परिजनों के आक्रोश को और भड़का दिया.
पुलिस ने ICU सील किया, जांच शुरू
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात काबू में किए. डीसीपी एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि नवजात के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और नर्सिंग होम के ICU को सील कर दिया गया है. स्वास्थ्य विभाग को भी पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है. पुलिस का कहना है कि परिजनों की तहरीर के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
अस्पताल संचालक ने बताया 'हादसा'
मामले पर सफाई देते हुए अस्पताल संचालक ने इसे महज एक ‘हादसा’ करार दिया है. हालांकि परिजन इसे आपराधिक लापरवाही बताते हुए दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और नर्सिंग होम का लाइसेंस रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं.
पहली संतान की मौत से परिवार टूटा
यह अरुण निषाद की पहली संतान थी. बच्ची की मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. दादी प्रेमा और अन्य रिश्तेदारों का रो-रोकर बुरा हाल है. सबसे मार्मिक बात यह है कि नवजात की मां शालू को अभी तक बच्ची की मौत की जानकारी नहीं दी गई है.


