जयपुर में मजार की छत बनाने पर सियासी संग्राम, भाजपा-कांग्रेस विधायक आए आमने-सामने
जयपुर के चांदपोल क्षेत्र में मजार पर छत निर्माण को लेकर भाजपा और कांग्रेस विधायकों के बीच विवाद हो गया. ‘लैंड जिहाद’ के आरोप के बाद हंगामा हुआ और नगर निगम ने जारी की गई अनुमति रद्द कर निर्माण कार्य रोक दिया.

जयपुर: एक मजार पर छत निर्माण को लेकर जयपुर में राजनीतिक माहौल अचानक गरमा गया. चांदपोल सर्किल के पास शुरू हुए निर्माण कार्य ने देखते ही देखते दो विधायकों को आमने-सामने ला खड़ा किया. भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य और कांग्रेस विधायक अमीन कागजी के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद दोनों पक्षों के समर्थकों ने भी नारेबाजी की. मामले ने कुछ समय के लिए इलाके का माहौल तनावपूर्ण कर दिया.
जानकारी के अनुसार, चांदपोल सर्किल के निकट स्थित एक मजार पर स्थानीय मुस्लिम समाज के लोग छत डालने की तैयारी कर रहे थे. बताया जा रहा है कि इस स्थान को व्यवस्थित रूप देकर दरगाह का स्वरूप देने की योजना थी. निर्माण कार्य की सूचना मिलते ही भाजपा विधायक बालमुकुंदाचार्य अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और काम रुकवा दिया.
‘लैंड जिहाद’ का आरोप
बालमुकुंदाचार्य ने इस निर्माण को ‘लैंड जिहाद’ करार दिया और नगर निगम व पुलिस अधिकारियों को मौके पर बुलाया. उनका कहना था कि इस तरह का निर्माण नियमों के खिलाफ है और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए. कुछ ही देर में कांग्रेस विधायक अमीन कागजी भी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए. दोनों नेताओं के बीच बहस हुई, जिससे स्थिति और गर्मा गई. हालांकि बाद में बालमुकुंदाचार्य वहां से चले गए और मामला शांत हुआ.
अमीन कागजी ने किया दावा
अमीन कागजी ने कहा कि उन्होंने विधायक कोष से 20 लाख रुपये स्वीकृत किए थे और निर्माण कार्य के लिए जरूरी सरकारी मंजूरी ली गई थी. उनका दावा है कि नगर निगम से भी अनुमति प्राप्त थी और नियमों के तहत ही काम शुरू किया गया था. उन्होंने बालमुकुंदाचार्य के खिलाफ पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है.
प्रशासन का रुख
एडिशनल डीसीपी बजरंग सिंह शेखावत ने बताया कि नगर निगम ने पहले निर्माण के लिए परमिट जारी किया था. हालांकि कुछ लोगों ने आपत्ति जताई कि यह अनुमति नियमों के अनुसार नहीं दी गई. विवाद बढ़ने के बाद मौके पर बातचीत हुई और फिलहाल निर्माण कार्य रोक दिया गया है.
#WATCH | Jaipur, Rajasthan: Tensions arose in the area over the construction of the roof of a 100-year-old dargah (shrine) at Chandpole Gate vegetable market.
— ANI (@ANI) February 8, 2026
Additional DCP of Jaipur North, Bajrang Singh Shekhawat, says, "...The municipal corporation had issued a permit for… pic.twitter.com/vkffzMtyCM
बाद में नगर निगम ने जारी की गई अनुमति को रद्द कर दिया. प्रशासन का कहना है कि पूरे मामले की समीक्षा की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी. फिलहाल इलाके में शांति है और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है.


