ब्रिटेन PM की कुर्सी पर खतरा...Epstine Files की वजह से इस्तीफा देने वाले दुनिया के पहले PM बन सकते हैं कीर स्टार्मर ?
अमेरिका न्याय मंत्रालय ने हाल ही में एपस्टीन से जुड़ी कई फाइल्स को सार्वजनिक किया है. अब इस फाइल की जद में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टॉर्मर जैसे दिग्गज नेता का नाम सामने आया है. दिग्गज नेता पर आरोप है कि उनके द्वारा नियुक्त किए गए एक राजदूत ने ब्रिटेन के सीक्रेट एपस्टीन को बता दिए थे. इसके साथ ही इस राजदूत ने लंबे समय तक एपस्टीन से दोस्ती कायम रखी थी.

नई दिल्ली : ब्रिटिश राजनीति इस समय एक अभूतपूर्व भूचाल के दौर से गुजर रही है. जेफरी एपस्टीन फाइल्स से निकले सनसनीखेज खुलासों ने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की 18 महीने पुरानी सरकार की बुनियाद हिला दी है. उनके सबसे भरोसेमंद साथियों का साथ छोड़ना और पार्टी के अंदर से बढ़ता विरोध स्टार्मर के लिए एक बड़ी अग्निपरीक्षा बन गया है. पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति और उनसे जुड़े गुप्त रिश्तों ने न केवल लेबर पार्टी की साख को गहरी चोट पहुंचाई है, बल्कि ब्रिटेन की लोकतांत्रिक शुचिता पर भी सवाल उठाए हैं.
स्टार्मर ने मैंडेलसन को राजदूत नियुक्त किया था
आपको बता दें कि 2024 में कीर स्टार्मर ने पीटर मैंडेलसन को अमेरिका में ब्रिटेन का राजदूत नियुक्त किया था. हालांकि, जनवरी 2026 में जारी अमेरिकी दस्तावेजों ने खुलासा किया कि मैंडेलसन के संबंध कुख्यात अपराधी एपस्टीन के साथ काफी पुराने और गहरे थे. मैंडेलसन ने 2008 के वित्तीय संकट के दौरान एपस्टीन को न केवल गोपनीय सरकारी जानकारियां साझा की थीं, बल्कि इसके बदले मोटी रकम भी वसूल की थी. स्टार्मर ने सितंबर 2025 में उन्हें हटा दिया था, लेकिन नए तथ्यों ने मामला बिगाड़ दिया है.
मैकस्वीनी ने पद 8 फरवरी को दिया था इस्तीफा
दरअसल, प्रधानमंत्री स्टार्मर को सबसे बड़ा रणनीतिक झटका 8 फरवरी 2026 को लगा, जब उनके चीफ ऑफ स्टाफ मॉर्गन मैकस्वीनी ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया. मैकस्वीनी ही वह व्यक्ति थे जिन्होंने मैंडेलसन की राजदूत के रूप में नियुक्ति की पुरजोर सलाह दी थी. उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह निर्णय पूरी तरह गलत था और इससे देश की राजनीति पर से आम जनता का भरोसा टूट गया है. मैकस्वीनी की विदाई से स्टार्मर काफी कमजोर हुए हैं क्योंकि वे चुनावी जीत के मुख्य सूत्रधार थे.
पुलिस मामले की तह तक जाने के लिए सक्रिय
हालांकि, ब्रिटिश पुलिस अब इस मामले की तह तक जाने के लिए पूरी तरह सक्रिय हो गई है. पीटर मैंडेलसन की विभिन्न निजी संपत्तियों पर हाल ही में छापेमारी की गई है. भ्रष्टाचार और गोपनीय सरकारी जानकारी लीक करने के आरोपों की गहन कानूनी जांच चल रही है. चौतरफा घिरने और बढ़ते दबाव के कारण मैंडेलसन ने लेबर पार्टी और हाउस ऑफ लॉर्ड्स की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है. जांच एजेंसियां अब यह देख रही हैं कि क्या इस लीक का असर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ा था.
PM स्टार्मर ने हाथ जोड़कर मांगी माफी
इस बड़े राजनीतिक विवाद के केंद्र में आने के बाद प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सार्वजनिक रूप से जेफरी एपस्टीन के पीड़ितों से हाथ जोड़कर माफी मांगी है. उन्होंने प्रेस के सामने स्पष्ट किया कि मैंडेलसन ने उनसे अपनी पिछली गतिविधियों के बारे में झूठ बोला था. अपनी सरकार की निष्पक्षता और पारदर्शिता साबित करने के लिए स्टार्मर ने मैंडेलसन की नियुक्ति से जुड़े तमाम गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक करने का वादा किया है. हालांकि, विपक्ष इसे केवल एक डैमेज कंट्रोल की कोशिश मानकर उन पर प्रहार कर रहा है.
क्या कुर्सी बचाने में सफल होंगे स्टार्मर ?
वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह कहना मुश्किल है कि स्टार्मर अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहेंगे या नहीं. वे ब्रिटेन के इतिहास के पहले ऐसे प्रधानमंत्री बन सकते हैं जिन्हें एपस्टीन विवाद के चलते अपना पद त्यागना पड़े. विपक्षी नेता अब इसे स्टार्मर की व्यक्तिगत विफलता बता रहे हैं. उनकी अपनी ही पार्टी के कई सांसद अब सार्वजनिक रूप से नेतृत्व परिवर्तन की मांग कर रहे हैं. देश की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था और इस बड़े घोटाले ने उनकी सरकार के भविष्य को पूरी तरह अंधकारमय बना दिया है.


