Uttarakhand में बादल फटने से भारी तबाही, पहाड़ों से आए मलबे से कई घर तबाह... 10 की मौत, 50 लापता
उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में धराली क्षेत्र में हुए भयंकर बादल फटने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है और कई अभी भी लापता हैं. बाढ़ ने कई गांवों को तबाह कर दिया है. राहत एवं बचाव कार्य पुलिस, सेना, SDRF और NDRF की टीमें कर रही हैं. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आपदा प्रबंधन को कड़ा करने और जलभराव से निपटने के निर्देश दिए हैं.

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के हर्षिल के पास धराली इलाके में मंगलवार को एक बड़े बादल फटने की घटना हुई, जिससे कई गांव बह गए. इस हादसे में कम से कम10 लोगों की मौत हो गई है और 50 लोग अभी भी लापता हैं. उत्तरकाशी के जिला मजिस्ट्रेट प्रशांत आर्या ने इसकी पुष्टि की है. इस आपदा ने इलाके में भारी तबाही मचाई है और पुलिस, SDRF, सेना तथा अन्य बचाव दल मौके पर राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं.
भारी बारिश और तेज बाढ़ ने मचाई तबाही
दरअसल, बादल फटने की वजह से हर्षिल के क़ीयर गढ़ नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिसके कारण धराली क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ. भयंकर बाढ़ के पानी की ताकत से कई घर बह गए, जिससे इलाके में भयावह दृश्य बने. स्थानीय लोगों ने बताया कि लगभग 10-12 लोग मलबे के नीचे दबे हो सकते हैं, जबकि 20-25 होटल और होमस्टे बाढ़ में बह गए हैं. इस घटना से आसपास के गांवों में हाहाकार मचा हुआ है.
राहत और बचाव कार्य जारी
VIDEO | Uttarakhand: Cloudburst causes massive destruction in Dharali Uttarkashi. More details are awaited.#Cloudburst #UttarakhandNews
— Press Trust of India (@PTI_News) August 5, 2025
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/vFx2rEUHvv
मौसम विभाग ने जताई भारी बारिश की चेतावनी
भारतीय मौसम विभाग ने उत्तराखंड के कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश होने की चेतावनी दी है. इस बारिश की वजह से राज्य के कई हिस्सों में नदियां उफान पर हैं और तेज बहाव के कारण कई जगहों पर भूस्खलन भी हुआ है. पहले भी मॉनसून के दौरान भाखड़ा नाला और भुजियाघाट के आसपास तेज धाराओं में कई लोगों के बह जाने या डूबने की खबरें आई थीं.
CM सिंह धामी ने दिए ये निर्देश
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिला मजिस्ट्रेट्स को अपने-अपने इलाकों में पूरी टीम के साथ मौके पर बने रहने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने अधिकारियों को कहा है कि भारी बारिश के कारण रास्ते बंद हों तो उन्हें जल्द से जल्द खोलने की व्यवस्था करें. पीने के पानी और बिजली की आपूर्ति में किसी भी प्रकार की बाधा होने पर तुरंत उसका समाधान निकाला जाए. मुख्यमंत्री ने पानी भराव की समस्या से निपटने के लिए भी पहले से तैयारी रखने और वैकल्पिक इंतजाम करने का आदेश दिया है.
आपदा ने फिर उत्तराखंड को किया प्रभावित
उत्तराखंड में मॉनसून का मौसम इस बार भी खतरनाक साबित हो रहा है. तेज़ बारिश और बादल फटने से नदी-नाले उफान पर हैं और कई इलाकों में जान-माल का नुकसान हो रहा है. प्रशासन और बचाव दल पूरी कोशिश कर रहे हैं कि प्रभावित लोगों की जान बचाई जा सके और उन्हें सुरक्षित जगह पहुंचाया जा सके. लेकिन इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई परिवारों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है और राहत कार्य अभी भी जारी है.


