नीतीश कुमार का बड़ा कदम, 49 लाख छात्रों के खाते में पहुंचे 2,920 करोड़ रुपये

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा योजनाओं के तहत 49 लाख छात्रों को 2,920 करोड़ रुपये डीबीटी से ट्रांसफर किए और साथ ही 959 करोड़ की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया. यह कदम छात्रों को आर्थिक सहयोग देने और राज्य में शिक्षा का स्तर सुधारने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शिक्षा क्षेत्र में बड़े कदम उठाते हुए 49 लाख से अधिक छात्रों के बैंक खातों में 2,920 करोड़ रुपये सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से ट्रांसफर किए. इस राशि का लाभ छात्रों को मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना, साइकिल योजना, पोशाक योजना, छात्रवृत्ति और कन्या उत्थान योजना जैसी विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत मिला. डीबीटी के जरिए भुगतान करने से राशि सीधे छात्रों तक पहुंची और पारदर्शिता सुनिश्चित हुई, जिससे सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम हुईं.

बिहार में शिक्षा को बढ़ावा

पटना में आयोजित एक विशेष समारोह में मुख्यमंत्री ने यह राशि हस्तांतरित करते हुए कहा कि यह कदम बिहार में शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्रों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए अहम है. इस पहल से लाखों परिवारों को सीधे वित्तीय सहायता मिली, जिससे छात्रों की पढ़ाई और उनके शैक्षणिक माहौल को सुधारने में मदद मिलेगी.

साथ ही, मुख्यमंत्री ने शिक्षा और बुनियादी ढांचे से संबंधित 959 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. इन परियोजनाओं में स्कूलों के लिए नई इमारतें, कक्षाएं और अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं. यह प्रयास बिहार के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई का माहौल बेहतर बनाने और शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

कल्याणकारी योजनाओं की विश्वसनीयता बढ़ी

नीतीश कुमार ने बताया कि डीबीटी प्रणाली ने योजना के क्रियान्वयन को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया है. यह तकनीक सुनिश्चित करती है कि लाभार्थियों तक राशि सीधे पहुंचे, बिना किसी बिचौलिये या देरी के. इससे न केवल छात्रों को फायदा हुआ बल्कि राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं की विश्वसनीयता भी बढ़ी.

विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी पहल बिहार के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और शिक्षा के प्रति उनकी रुचि बढ़ाने में मदद करेगी. इस कदम से छात्र न केवल आर्थिक रूप से समर्थ होंगे बल्कि उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों और प्रेरणा में भी सुधार आएगा.

इस पूरी प्रक्रिया ने बिहार में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय जोड़ा है. वित्तीय सहायता और बुनियादी ढांचे की मजबूत परियोजनाओं के संयोजन से राज्य के छात्रों को बेहतर शैक्षणिक अवसर मिलेंगे और भविष्य में शिक्षा का स्तर और ऊंचा होने की उम्मीद है.

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