कोर्ट से फरार कैदी ने MNS ऑफिस में मचाया बवाल, राज ठाकरे के करीबी को दी धमकी

ड्रग्स केस में गिरफ्तार इमरान खान कोर्ट से फरार होकर सीधे MNS नेता अमित मटकर के दफ्तर पहुंचा और उन्हें धमकी दी. यह पूरी घटना CCTV में कैद हुई, लेकिन अब तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं.

Dimple Yadav
Edited By: Dimple Yadav

मुंबई से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. ड्रग्स केस में गिरफ्तार एक विचाराधीन कैदी कोर्ट से फरार होकर सीधे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के वरिष्ठ नेता अमित मटकर के दफ्तर जा पहुंचा और उन्हें खुलेआम धमकी दे डाली.

मामला 16 मई का है. आर्थर रोड जेल में बंद कैदी इमरान खान को उस दिन कोर्ट में पेशी के लिए लाया गया था. पेशी के बाद उसे वापस जेल ले जाया जाना था, लेकिन किसी तरह वह पुलिस की निगरानी से बचते हुए कोर्ट परिसर से चुपचाप बाहर निकल गया. सूत्रों के मुताबिक, इमरान ने नकाब पहना हुआ था और बाहर उसका एक साथी बाइक लेकर इंतजार कर रहा था. दोनों मिलकर सीधे सात रास्ता इलाके में स्थित MNS कार्यालय पहुंचे.

“यह जगह तुम्हारे लिए नहीं है”

वहां पहुंचते ही इमरान खान ने MNS की कामगार सेना के उपाध्यक्ष अमित मटकर को धमकाया. उसने कहा, “यह जगह तुम्हारे लिए नहीं है, यहां से चले जाओ, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहो.” यह पूरी घटना कार्यालय के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई.

पुलिस में शिकायत दर्ज, FIR नहीं

इस सनसनीखेज घटना के बाद 21 मई को अमित मटकर ने पुलिस थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई और सीसीटीवी फुटेज भी सौंपा, लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि अब तक पुलिस ने इस मामले में कोई FIR दर्ज नहीं की है. इससे पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं.

लापरवाही या मिलीभगत?

गौरतलब है कि इमरान खान को मुंबई क्राइम ब्रांच ने दिसंबर 2024 में 40 किलो गांजा के साथ गिरफ्तार किया था और वह तब से न्यायिक हिरासत में था. इस घटना के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या पुलिस की लापरवाही या फिर अंदरूनी मिलीभगत से यह फरारी मुमकिन हो पाई?

दो कॉन्स्टेबल सस्पेंड, जांच जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंबई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उस दिन ड्यूटी पर तैनात दो कॉन्स्टेबल—अमोल सरकाले और संदीप सूर्यवंशी—को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. साथ ही, एक डीसीपी रैंक के अधिकारी को इस पूरे मामले की जांच सौंपी गई है.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag