PSEB ने बदला 12वीं का एग्जाम पैटर्न, रट्टा मारने से नहीं चलेगा काम

पंजाब सरकार ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने अपनी लंबे समय से चल रही प्रश्न पत्र प्रणाली में व्यापक सुधार लागू किए हैं. 

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ा और दूरदर्शी कदम उठाते हुए छात्रों के भविष्य को और सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है. पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने अपनी लंबे समय से चल रही प्रश्न पत्र प्रणाली में व्यापक सुधार लागू किए हैं. 

क्या है सरकार का उद्देश्य?

इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षा केवल रटंत ज्ञान तक सीमित न रहे, बल्कि छात्रों की गहन समझ, विश्लेषण क्षमता, आलोचनात्मक सोच और वास्तविक जीवन कौशल को विकसित किया जाए. मान सरकार का लक्ष्य यह है कि शिक्षा का उद्देश्य सिर्फ डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि युवाओं को 21वीं सदी की चुनौतियों के लिए पूरी तरह तैयार करना होना चाहिए. 

इस दिशा में PSEB के अध्यक्ष डॉ. अमरपाल सिंह के नेतृत्व में 120 से अधिक शिक्षाविदों और विशेषज्ञों की तीन-दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई. इस पहल के तहत छात्रों में क्षमता-आधारित शिक्षण को बढ़ावा दिया जाएगा. इसका मतलब है कि विद्यार्थी केवल तथ्यों को याद करने की बजाय सोचने, समझने और समस्याओं को रचनात्मक ढंग से हल करने में सक्षम होंगे.

बोर्ड ने संशोधित ब्लूम टैक्सोनॉमी के अनुसार प्रश्न पत्रों का नया ढांचा पेश किया है. इसके तहत प्रश्न केवल जानकारी याद करने पर केंद्रित नहीं होंगे, बल्कि छात्रों की सृजनात्मकता, आलोचनात्मक सोच और व्यावहारिक समझ की जांच की जाएगी. सभी प्रश्न अब स्पष्ट ब्लूप्रिंट और आइटम मैट्रिक्स के आधार पर तैयार किए जाएंगे, जिससे मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनेगी. विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और अंग्रेजी जैसे विषयों में वास्तविक जीवन पर आधारित प्रश्न शामिल किए जाएंगे, ताकि छात्र कक्षा में सीखे गए ज्ञान को व्यावहारिक रूप में लागू कर सकें.

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने क्या कहा?

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि छात्रों को स्व-रोजगार और उद्यमिता की ओर प्रेरित करने के लिए 12वीं कक्षा के लिए उद्यमिता पाठ्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया गया है. यह कोर्स युवाओं को नौकरी खोजने वालों की बजाय नौकरी सृजक बनने के लिए प्रोत्साहित करेगा.

यह व्यापक सुधार पंजाब के लगभग 13,000 सरकारी और निजी स्कूलों के लाखों छात्रों के उज्जवल भविष्य की नींव रखेगा. भगवंत मान सरकार का यह कदम यह संदेश देता है कि वे राज्य के हर बच्चे को आधुनिक कौशल, वैश्विक स्तर की शिक्षा और उज्जवल भविष्य देने के लिए प्रतिबद्ध हैं. इस पहल के साथ पंजाब की शिक्षा प्रणाली न केवल डिग्रीधारी छात्रों को तैयार करेगी, बल्कि उन्हें सक्षम, कुशल और आत्मनिर्भर नागरिक भी बनाएगी.

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