पंजाब कैबिनेट ने वन टाइम सेटलमेंट स्कीम 2025 को दी मंजूरी, कारोबारियों को मिलेगी बड़ी राहत

पंजाब कैबिनेट ने उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम और अन्य सुधारों को मंजूरी दी. इसके अलावा मोहाली में एनआईए की विशेष अदालत बनाने और भ्रष्टाचार के मामलों में मुकदमे की सिफारिश भी की गई.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

Punjab One Time Settlement Scheme: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में राज्य की आर्थिक प्रगति और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. इन पहलकदमियों का उद्देश्य उद्योग-व्यवसाय के नियमों को सरल बनाकर विकास को गति देना है.

पंजाब वन टाइम सेटलमेंट स्कीम को मंजूरी 

कैबिनेट ने पंजाब वन टाइम सेटलमेंट स्कीम (ओटीएस) 2025 को मंजूरी दी है, जो 1 अक्टूबर 2025 से लागू होकर 12 दिसंबर 2025 तक चलेगी. इस योजना के तहत करदाताओं को पुराने बकाए टैक्स मामलों को निपटाने का मौका मिलेगा. जिन करदाताओं का मूल्यांकन 30 सितंबर 2025 तक हो चुका है, वे इस स्कीम के तहत आवेदन कर सकते हैं. टैक्स बकाया के आधार पर ब्याज और जुर्माने पर छूट दी जाएगी. 1 करोड़ रुपये तक के मामलों में ब्याज और जुर्माने पर 100% छूट और टैक्स राशि पर 50% माफी मिलेगी. 1 करोड़ से 25 करोड़ रुपये तक के मामलों में ब्याज और जुर्माने पर पूरी छूट के साथ टैक्स राशि पर 25% माफी दी जाएगी, जबकि 25 करोड़ रुपये से अधिक बकाया वाले मामलों में ब्याज और जुर्माने पर पूरी छूट के साथ टैक्स राशि पर 10% माफी मिलेगी.

कैबिनेट ने चावल मिल मालिकों के लिए भी वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी दी है. कई मिल मालिकों ने अपने बकाए जमा नहीं किए हैं, जिससे उन्हें डिफॉल्टर घोषित कर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है. इस योजना से ऐसे मामलों का समाधान कर चावल मिलों को पुनः सक्रिय किया जाएगा, जिससे राज्य में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और खरीदी सीजन में धान की खरीद प्रक्रिया सुचारू होगी.

पंजाब अपार्टमेंट और प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट 1995 में संशोधन को मंजूरी 

इसके अलावा, मंत्रिमंडल ने पंजाब अपार्टमेंट और प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट 1995 में भी संशोधन को मंजूरी दी है. इससे कॉलोनियों और क्षेत्रों का व्यवस्थित और योजनाबद्ध विकास सुनिश्चित होगा, जिससे आम जनता को होने वाली परेशानियां कम होंगी. कैबिनेट ने पंजाब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (संशोधन बिल) 2025 में सुधार के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दी है ताकि करदाताओं की सुविधा बढ़े और टैक्स अनुपालन में सुधार हो.

मोहाली में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत की स्थापना भी मंजूर की गई है. यह अदालत एनआईए के अलावा ईडी, सीबीआई और अन्य विशेष मामलों को भी देखेगी. अंत में, पूर्व मंत्री साधू सिंह धर्मसोत के खिलाफ भ्रष्टाचार और अन्य आपराधिक मामलों में मुकदमा चलाने के लिए सिफारिश भी राज्यपाल को भेजी जाएगी.

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