पंजाब में शिक्षा की डिजिटल क्रांति, मान सरकार ने स्कूलों में लॉन्च किया AI पाठ्यक्रम! 89.1% स्मार्ट क्लासरूम...10,000 शिक्षक बनेंगे AI गुरू

Punjab AI Education initiative : मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा की ऐतिहासिक शुरुआत की है. इस योजना में कोडिंग, रोबोटिक्स और प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा शामिल है. शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है. राज्य के 95% स्कूल डिजिटल सुविधाओं से लैस हैं. यह पहल युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल देने और उन्हें भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

Punjab AI Education initiative : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव की ओर बढ़ रहा है. अब तक परंपरागत ढंग से चल रही स्कूल शिक्षा प्रणाली में तकनीकी और नवाचार का समावेश करते हुए, पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को पढ़ाई का हिस्सा बनाने का फैसला किया है. यह कदम सिर्फ तकनीक को अपनाने का नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने का भी प्रतीक है.

आधुनिक शिक्षा की ओर कदम

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने कक्षा VI से XII तक के लिए एक नया AI आधारित पाठ्यक्रम तैयार करने की प्रक्रिया शुरू की है. इसमें कोडिंग, रोबोटिक्स, डेटा लिटरेसी, AI की नैतिकता और सतत विकास लक्ष्य (SDGs) जैसे विषय शामिल होंगे. पाठ्यक्रम को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि छात्रों को प्रोजेक्ट आधारित शिक्षा, कोडिंग प्रतियोगिताओं, AI हैकाथॉन और विज्ञान मेलों के माध्यम से व्यावहारिक ज्ञान भी प्रदान किया जाएगा. यह सारी सामग्री अंग्रेजी और पंजाबी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराई जाएगी.

शिक्षकों के लिए व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम
सरकार ने सुनिश्चित किया है कि शिक्षकों को भी इस परिवर्तन के लिए पूरी तरह तैयार किया जाए. इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किए गए हैं. इन्हें दो चरणों में बांटा गया है—प्रारंभिक और उन्नत स्तर. शिक्षक न केवल AI के तकनीकी पहलुओं को सीखेंगे, बल्कि छात्रों को प्रोजेक्ट-बेस्ड और क्रिटिकल थिंकिंग पर आधारित शिक्षा देने के लिए भी तैयार किए जाएंगे. प्रशिक्षण पूरा करने पर उन्हें सर्टिफिकेट मिलेगा और भविष्य में रिवाइज़र कोर्स भी उपलब्ध कराए जाएंगे.

देश में सबसे मजबूत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में से एक
पंजाब का डिजिटल बुनियादी ढांचा इस बदलाव को सफल बनाने में सहायक सिद्ध हो रहा है. राज्य के 95.6% सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर उपलब्ध हैं, जबकि 89.1% स्कूल स्मार्ट क्लासरूम से लैस हैं. यह आंकड़े पंजाब को पड़ोसी राज्यों हरियाणा और हिमाचल प्रदेश से काफी आगे दिखाते हैं. पंजाब में लैपटॉप की उपलब्धता भी 9.8% है, जो अन्य राज्यों की तुलना में बहुत अधिक है.

तीन वर्षों में चरणबद्ध रूप से क्रियान्वयन
इस योजना को अगले तीन वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा. जिन स्कूलों का चयन होगा, वहां छात्रों को डिजिटल टूल्स, LMS (Learning Management System) और आवश्यक सॉफ़्टवेयर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि वे प्रैक्टिकल और प्रोजेक्ट बनाकर पढ़ाई कर सकें. सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षा सिर्फ़ ज्ञान तक सीमित न रहे, बल्कि नवाचार और रचनात्मकता को जन्म दे.

भविष्य के नेतृत्व की नींव
मुख्यमंत्री मान का यह प्रयास दर्शाता है कि पंजाब अब सिर्फ बुनियादी विकास नहीं, बल्कि युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध है. AI को शिक्षा में शामिल कर, राज्य सरकार युवाओं को नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाने की दिशा में अग्रसर है. इससे न केवल तकनीकी कौशल विकसित होंगे, बल्कि आलोचनात्मक सोच और समस्या समाधान की क्षमता भी बढ़ेगी. इस पहल के माध्यम से पंजाब एक स्मार्ट, सक्षम और आत्मनिर्भर युवा पीढ़ी तैयार करने की ओर अग्रसर है, जो राज्य को देश और दुनिया में एक नई पहचान दिलाने का माद्दा रखती है.

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