बरेली हिंसा के बाद एक्शन में प्रशासन, तौकीर रजा के दामाद मोहसिन रजा को किया अरेस्ट...अवैध संपत्तियों पर चलेगी बुलडोजर
Mohsin Raza Arrested : बरेली में जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा के मामले में मौलाना तौकीर रजा और उनके करीबी लोगों पर प्रशासन का शिकंजा कसता जा रहा है. तौकीर रजा, उनके दामाद मोहसिन रजा और डॉ. नफीस को गिरफ्तार कर लिया गया है. करोड़ों की संपत्तियां जब्त हुई हैं. हिंसा की साजिश और योजनाबद्ध तैयारी सामने आई है. प्रशासन सख्त रुख अपनाए हुए है और कार्रवाई लगातार जारी है.

Mohsin Raza Arrested : उत्तर प्रदेश के बरेली में जुमे की नमाज के बाद भड़की हिंसा ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल मचा दी है. आईएमसी नेता मौलाना तौकीर रजा को हिंसा भड़काने के आरोप में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है और अब उनके नजदीकी रिश्तेदारों और सहयोगियों पर भी कार्रवाई तेज हो गई है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस और प्रशासन ने संयुक्त रूप से एक्शन लेना शुरू किया है.
दामाद मोहसिन रजा गिरफ्तार
हिंसा की योजना और साजिश का खुलासा
पुलिस जांच में यह सामने आया है कि हिंसा कोई अचानक की गई प्रतिक्रिया नहीं थी, बल्कि एक सुनियोजित साजिश थी. मौलाना के करीबी नदीम की पूछताछ में पता चला है कि इस हिंसा का मकसद मुसलमानों का रहनुमा बनकर राजनीतिक ताकत का प्रदर्शन करना था. एक रात पहले आईएमसी का व्हाट्सएप ग्रुप एक्टिव रहा और लगभग 55 लोगों से संपर्क कर 1600 से अधिक लोगों की भीड़ जुटाई गई थी, जिसने खलील स्कूल तिराहा और पिर श्यामगंज जैसे इलाकों में हिंसा को अंजाम दिया.
डॉ. नफीस को भी पुलिस ने किया गिरफ्तार
आईएमसी के राष्ट्रीय महासचिव डॉ. नफीस को भी पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया है. उन पर न केवल हिंसा में शामिल होने का आरोप है, बल्कि इससे पहले उन्होंने एक इंस्पेक्टर को जान से मारने की धमकी भी दी थी. प्रशासन ने उनकी तीन दर्जन से अधिक दुकानों को सील कर दिया है. उनके खिलाफ कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.
बेनामी संपत्ति पर चलेगी बुलडोजर
तौकीर रजा और उनके सहयोगियों की अब तक करीब 150 करोड़ रुपये की संपत्ति ज़ब्त की जा चुकी है. इसके साथ ही प्रशासन उनकी बेनामी संपत्तियों पर भी बुलडोजर चलाने की तैयारी में है. यह संदेश स्पष्ट है कि राज्य सरकार धार्मिक उन्माद फैलाने वालों के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरतेगी.
समाजवादी पार्टी ने जताई चिंता
इस मामले में समाजवादी पार्टी ने भी हस्तक्षेप किया है. पार्टी के वरिष्ठ नेता भगवत शरण गंगवार की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने डीआईजी से मुलाकात कर निष्पक्ष जांच की मांग की. उनका कहना है कि निर्दोष लोगों को कार्रवाई का शिकार नहीं बनना चाहिए. हालांकि, प्रशासन का रुख साफ है कि वीडियो फुटेज और सीसीटीवी के आधार पर ही गिरफ्तारी की जा रही है.
पुलिस का सख्त रुख और सोशल मीडिया पर निगरानी
अब तक इस मामले में 10 मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं और 62 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है. 29 उपद्रवियों को जेल भेजा जा चुका है. बरेली में इंटरनेट सेवा बहाल कर दी गई है, लेकिन पुलिस सोशल मीडिया पर निगरानी बनाए हुए है ताकि कोई अफवाह फैलाने वाला बख्शा न जाए.
बरेली हिंसा अब केवल एक स्थानीय घटना नहीं रही, यह उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था और धार्मिक उन्माद के बीच सरकार की नीति और प्रशासन की शक्ति का प्रतीक बन गई है. मौलाना तौकीर रजा और उनके करीबियों पर कड़ी कार्रवाई यह संदेश देती है कि योगी सरकार किसी भी साजिश या अराजकता को बर्दाश्त नहीं करेगी, चाहे वो किसी भी धर्म या वर्ग से क्यों न जुड़ी हो.


