अडानी मुद्दे पर संजय सिंह ने सदन में निलंबन का बिजनेस नोटिस किया पेश

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अडानी विवाद पर चर्चा के लिए गुरुवार को राज्यसभा में सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस पेश किया। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सांसद संजय सिंह और भारत राष्ट्र समिति के, के केशव राव द्वारा नियम 267 के तहत दिए गए निलंबन नोटिस को गुरुवार को खारिज कर दिया। जिसके बाद आप ने बहिर्गमन किया।

Lalit Hudda
Edited By: Lalit Hudda

रिपोर्ट। मुस्कान

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने अडानी विवाद पर चर्चा के लिए गुरुवार को राज्यसभा में सस्पेंशन ऑफ बिजनेस नोटिस पेश किया। राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने सांसद संजय सिंह और भारत राष्ट्र समिति के, के केशव राव द्वारा नियम 267 के तहत दिए गए निलंबन नोटिस को गुरुवार को खारिज कर दिया। जिसके बाद आप ने बहिर्गमन किया।

आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि सभी नोटिस खारिज कर दिए गए और आरोप लगाया कि सरकार अडानी पंक्ति पर चर्चा को रोक रही है। उन्होंने बुधवार को भी नियम 267 के तहत कामकाज ठप करने की मांग की थी, लेकिन अध्यक्ष द्वारा नोटिस को खारिज कर दिया गया। जिसके बाद आप ने वाकआउट किया।

नोटिस में कहा गया है कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट सामने आने के बाद अडानी समूह मामले में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और एलआईसी को घाटा हुआ है। विपक्ष लगातार सदन में अडानी मुद्दे को लेकर सवाल खड़े कर रहा है।

इससे पहले विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अडानी मामले में संयुक्त संसदीय समिति द्वारा जांच की मांग को लेकर केंद्र सरकार पर हमला किया। खड़गे ने कहा कि अडानी विवाद की संयुक्त संसदीय समिति की जांच होनी चाहिए, जब सरकार को किसी बात का डर नहीं है तो जेपीसी का गठन करें।

खड़गे ने पीएम पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि "प्रधानमंत्री के एक करीबी दोस्त की संपत्ति पिछले ढाई साल में 12 गुना बढ़ी है। 2014 में यह 50,000 करोड़ रुपये का समूह था, जबकि 2019 में यह एक लाख करोड़ रुपये का समूह बन गया, लेकिन जादू क्या हुआ कि अचानक से दो साल में 12 लाख करोड़ रुपये की संपत्ति आ गई।"

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