तेज रफ्तार की वजह से सात महिलाओं की मौत, राजस्थान में दर्दनाक हादसा

राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी में एक सड़क हादसे में एक ही परिवार की सात महिलाओं की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए. परिवार अंतिम संस्कार से लौट रहा था और तेज रफ्तार में ओवरटेक करते समय उनकी कार ट्रक से टकरा गई.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

राजस्थान के फतेहपुर शेखावाटी क्षेत्र से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है. फतेहपुर सदर थाना क्षेत्र के रघुनाथपुरा गांव का एक परिवार लक्ष्मणगढ़ में रिश्तेदार के अंतिम संस्कार में शामिल होने के बाद लौट रहा था. अंतिम संस्कार के बाद शाम करीब चार बजे परिवार वापस अपने गांव लौट रहा था. सभी लोग चार अलग-अलग वाहनों में सवार थे. पुरुष अलग वाहनों में थे, जबकि महिलाएं एक ही कार में बैठी थीं.

हरसावा गांव के पास हुआ हादसा 

यह दर्दनाक हादसा एनएच बावन पर हरसावा गांव के पास हुआ. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार तेज गति से चल रही थी और चालक ने ओवरटेक करने की कोशिश की. इसी दौरान कार पहले एक पिकअप वाहन से टकराई और फिर सामने से आ रहे ट्रक से जा भिड़ी. टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह पिचक गई. हादसे की आवाज सुनते ही आसपास के ग्रामीण और हाईवे से गुजर रहे वाहन चालक मौके पर पहुंचे. कार के अंदर महिलाएं फंसी हुई थीं. काफी मशक्कत के बाद उन्हें बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी.

सात महिलाओं की मौत 

इस हादसे में एक ही परिवार की सात महिलाओं की मौत हो गई. सास मोहिनी देवी (80 वर्ष) घटनास्थल पर ही दम तोड़ गईं. उनके साथ बहुएं चंदा देवी (55 वर्ष), तुलसी देवी (45 वर्ष), बरखा देवी (35 वर्ष), आशा देवी (60 वर्ष), संतोष देवी (45 वर्ष) और बेटी इंदिरा (60 वर्ष) भी अपनी जान गंवा बैठीं. बरखा देवी को जयपुर ले जाते समय रास्ते में अस्पताल में मृत घोषित किया गया. कार चालक वसीम (25 वर्ष) और सोनू (35 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिनका इलाज अस्पताल में जारी है.

परिवार ने बताया कि लक्ष्मणगढ़ से रवाना होने से पहले चालक वसीम को धीमी गति से कार चलाने की हिदायत दी गई थी. लेकिन अंतिम संस्कार के कारण गमगीन माहौल में जल्दबाजी और ओवरटेक करने की कोशिश ने सात जिंदगियों को छीन लीं. हादसे की खबर जैसे ही रघुनाथपुरा गांव में पहुंची, पूरे गांव में सन्नाटा छा गया. मोहिनी देवी का पति पहले ही निधन हो चुका था और अब घर की सभी महिलाएं एक साथ चली गईं. संतोष देवी के तीन बच्चे हैं, तुलसी देवी का पति विदेश में मजदूरी करता है और आशा देवी का पति गैस एजेंसी में कार्यरत है. एक झटके में कई घर उजड़ गए और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है.

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