दिल्ली में यमुना किनारे 1,300 से ज्यादा घाटों पर छठ पूजा के लिए विशेष तैयारियां
दिल्ली सरकार यमुना किनारे 1,300 से अधिक घाटों पर छठ पूजा का आयोजन बड़े स्तर पर कर रही है, जिसमें सुरक्षा और सफाई का विशेष ध्यान रखा जाएगा. वहीं, आम आदमी पार्टी ने भाजपा पर यमुना की सफाई का दिखावा करने का आरोप लगाया है.

दिल्ली में छठ पूजा की तैयारियां इस बार पहले से कहीं ज़्यादा भव्य और व्यापक स्तर पर की जा रही हैं. दिल्ली सरकार यमुना तट और पूरे शहर में कुल 1,300 से अधिक घाटों पर छठ पूजा का आयोजन सुनिश्चित करने में जुटी है. दिल्ली के मंत्री कपिल मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यह राजधानी की अब तक की सबसे बड़ी छठ पूजा होगी. उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध माहौल प्रदान करना है, ताकि कोई भी भक्त असुविधा का सामना न करे.
वासुदेव घाट का दौरा
गुरुवार को उपराज्यपाल वी. के. सक्सेना और मंत्री मिश्रा ने वासुदेव घाट का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की. अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सफाई, रोशनी, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था जैसे सभी इंतजाम 25 अक्टूबर से पहले पूरे कर लिए जाएं. इस बार की छठ पूजा 25 से 28 अक्टूबर तक आयोजित की जाएगी. इसमें लाखों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है.
मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में यह पहला छठ उत्सव होगा, जो पूरी तरह से यमुना किनारे आयोजित किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यह सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन पर काम करती है. वर्षों बाद दिल्ली के लोग यमुना तट पर पारंपरिक तरीके से छठ मना सकेंगे. यह दिल्ली और पूर्वांचल समुदाय दोनों के लिए गर्व की बात है. उन्होंने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने धार्मिक भावनाओं की अनदेखी करते हुए यमुना किनारे पूजा की अनुमति नहीं दी थी.
ठ पूजा की तैयारियों के बीच राजनीति तेज़
वहीं दूसरी ओर, छठ पूजा की तैयारियों के बीच राजनीति भी तेज़ हो गई है. आम आदमी पार्टी (आप) ने भाजपा पर आरोप लगाया है कि वह यमुना की वास्तविक सफाई किए बिना सिर्फ त्योहार से पहले “साफ-सफाई का दिखावा” कर रही है. आप नेताओं का कहना है कि भाजपा सरकार ने उत्तर प्रदेश की पूर्वी नहर से पानी मोड़कर यमुना में छोड़ा है ताकि यह कुछ दिनों के लिए साफ दिखाई दे. दिल्ली आप अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह कदम पूर्वांचल मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश है.
हालांकि भाजपा ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा कि यमुना की सफाई को लेकर सरकार गंभीर है और सभी कदम वैज्ञानिक तरीके से उठाए जा रहे हैं. इस बीच, दिल्ली सरकार ने कहा है कि वह छठ महापर्व को स्वच्छ, सुरक्षित और श्रद्धालुओं के लिए यादगार बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.


