तेज प्रताप यादव का बड़ा ऐलान, महुआ में इंजीनियरिंग कॉलेज और क्रिकेट स्टेडियम बनवाएंगे
तेज प्रताप ने कहा कि महुआ में जीत के बाद एक इंजीनियरिंग कॉलेज खोलेंगे. उन्होंने कहा कि वे महुआ में एक स्टेडियम बनवाने की योजना पर काम कर रहे हैं.

बिहार विधानसभा चुनाव का काउंटडाउन शुरू हो गया है और राजनीतिक माहौल गर्माने लगा है. राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव अपनी नई पार्टी जनशक्ति जनता दल के साथ इस बार चुनावी मैदान में हैं. तेज प्रताप महुआ विधानसभा सीट से प्रत्याशी के रूप में किस्मत आजमा रहे हैं और अपने चुनावी वादों से चर्चा में हैं.
महुआ के लिए किस योजना पर काम कर रहे तेज प्रताप?
एक चुनावी सभा में तेज प्रताप ने कहा कि महुआ की जनता इस बार उनके साथ मजबूती से खड़ी है. उन्होंने दावा किया कि महुआ में हमने मेडिकल कॉलेज दिया है और जीत के बाद यहां एक इंजीनियरिंग कॉलेज भी खोलेंगे. उन्होंने आगे कहा कि वे महुआ में एक क्रिकेट स्टेडियम बनवाने की योजना पर काम कर रहे हैं और वहां भारत-पाकिस्तान मैच कराने का सपना पूरा करेंगे. तेज प्रताप ने आत्मविश्वास के साथ कहा कि महुआ में हमारी टक्कर में कोई नहीं है.
तेज प्रताप यादव ने इस मौके पर अपने परिवार और पार्टी की राजनीति पर भी खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि लोहिया जी, कर्पूरी ठाकुर और लालू प्रसाद यादव उनके लिए सच्चे जननायक हैं. अपने छोटे भाई तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि तेजस्वी अभी जननायक नहीं हैं क्योंकि वे अपने दम पर नहीं, पिता के सहारे हैं. जिस दिन वे अपने बलबूते खड़े होंगे मैं सबसे पहले उन्हें जननायक कहूंगा.
जब तेज प्रताप से पूछा गया कि क्या लालटेन युग यानी आरजेडी का दौर खत्म होने वाला है, तो उन्होंने जवाब दिया कि अगर लालटेन युग का अंत होगा तो उसे लालटेन वाले ही करेंगे. अब मैं आरजेडी में नहीं हूं और मुझे किसी पद या गठबंधन की लालसा नहीं है. अगर मुझे कोई पद दिया भी गया तो मैं उसे तुरंत ठुकरा दूंगा.
कितने चरणों में होंगे बिहार चुनाव?
बिहार में इस बार विधानसभा चुनाव दो चरणों में होंगे. पहले चरण का मतदान 6 नवंबर को और दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा. मतगणना 14 नवंबर को तय की गई है. तेज प्रताप की पार्टी जनशक्ति जनता दल इन चुनावों में पहली बार उतर रही है और महुआ सीट पर उनका मुकाबला सीधा राजद और जदयू उम्मीदवारों से माना जा रहा है. तेज प्रताप यादव ने कहा कि उनका मकसद नई राजनीति और नए बिहार की शुरुआत करना है, जहां विकास, शिक्षा और खेल को प्राथमिकता दी जाएगी.


