UGC Act 2026 : सवर्णों को सीधी आपत्ति,आखिर क्यों UGC के नए एक्ट को लेकर देशभर में हो रहा विरोध, जानें क्या है पूरा मामला
UGC एक्ट 2026 के नए प्रावधानों को लेकर देशभर में हड़कंप मचा है, खासकर बिहार में तीव्र विरोध देखने को मिल रहा है. सवर्ण शिक्षक और छात्र 2012 के उस नियम को हटाए जाने से नाराज हैं, जिसमें झूठी शिकायत करने वालों पर कार्रवाई का प्रावधान था. विरोध का असर सत्ताधारी NDA नेताओं पर भी दिख रहा है और राजनीतिक दबाव लगातार बढ़ रहा है.

पटना : UGC एक्ट 2026 को लेकर देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं और बिहार इस असंतोष का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है. नए प्रावधानों के खिलाफ शिक्षकों और छात्रों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. खासतौर पर सवर्ण समाज से जुड़े शिक्षक और छात्र इस कानून को लेकर खुलकर विरोध जता रहे हैं. बिहार में यह मुद्दा अब सिर्फ शैक्षणिक नहीं, बल्कि सियासी रूप भी ले चुका है.
किस प्रावधान ने बढ़ाया विवाद
सामान्य वर्ग में डर और असुरक्षा की भावना
दरअसल, सामान्य वर्ग के संगठनों का कहना है कि यह कानून व्यवहार में एक नए सख्त अधिनियम की तरह काम कर सकता है. छात्रों और शिक्षकों को आशंका है कि बिना ठोस जांच के शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं, जिससे करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा दोनों को नुकसान हो सकता है. इसी कारण कई लोग इसे संविधान की मूल भावना के खिलाफ बता रहे हैं.
बिहार और झारखंड में संगठनों का मुखर विरोध
इस नए नियम के खिलाफ बिहार और झारखंड में कई सामाजिक और छात्र संगठनों ने इस बिल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के नाम पर समाज को जातीय आधार पर बांटने की कोशिश की जा रही है. कई जगहों पर इसे वापस लेने की मांग करते हुए नारेबाजी और विरोध मार्च निकाले गए हैं.
पटना स्थित पुलिस मुख्यालय, पटेल भवन में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर झंडोत्तोलन कर तिरंगे को सलामी दी।
इस अवसर पर बिहार पुलिस बल के कर्मियों को संबोधित भी किया। राष्ट्र पर्व के अवसर पर सामाजिक सद्भाव को प्रगाढ़ बनाते हुए शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेते हुए मजबूत लोकतंत्र के… pic.twitter.com/4o851BN7FA
— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) January 26, 2026
NDA नेताओं पर फूटा जनाक्रोश
इस पूरे विवाद में सबसे ज्यादा दबाव सत्ताधारी NDA के नेताओं पर देखा जा रहा है. केंद्र सरकार के साथ-साथ बिहार सरकार में शामिल नेताओं को सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर सवालों का सामना करना पड़ रहा है. उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सोशल मीडिया पोस्ट पर भी यूजर्स ने UGC बिल को वापस लेने की मांग करते हुए तीखी प्रतिक्रियाएं दीं, जिससे साफ है कि नाराजगी अब सीधे राजनीतिक नेतृत्व की ओर मुड़ चुकी है.
UGC नियमों के खिलाफ हाजीपुर, बिहार से जमीनी विरोध के वीडियो सामने आ रहे हैं👇
अब विद्रोह का आंदोलन शुरू हो चुका है!#ShameOnUGC pic.twitter.com/tG2cGgXizH
— Dr. Neha Das (@neha_laldas) January 24, 2026
हाजीपुर में सड़क पर उतरा विरोध
बिहार के हाजीपुर में इस बिल के विरोध में प्रदर्शन और तेज हो गया, जहां राजनीतिक और सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए. विरोध करने वालों का कहना है कि UGC एक्ट शिक्षा सुधार के बजाय सामाजिक तनाव को बढ़ावा देगा. सोशल मीडिया पर भी लगातार पोस्ट और वीडियो साझा कर इस कानून को रद्द करने की मांग की जा रही है.
बीजेपी के भीतर भी उभरे विरोध के स्वर
दिलचस्प बात यह है कि विरोध केवल विपक्ष तक सीमित नहीं है. बीजेपी के कुछ नेता और कार्यकर्ता भी खुले तौर पर इस बिल के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं. कुछ नेताओं ने यहां तक कहा है कि यदि पार्टी लाइन से अलग जाकर भी विरोध करना पड़े, तो वे पीछे नहीं हटेंगे. इससे साफ संकेत मिल रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा बिहार की राजनीति में और बड़ा रूप ले सकता है.
आगे की राह पर संशय
UGC एक्ट 2026 को लेकर बढ़ते विरोध ने सरकार के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है. सवाल यही है कि सरकार इस असंतोष को दूर करने के लिए संशोधन करेगी या फिर विरोध के बावजूद कानून को लागू करने पर अडिग रहेगी. फिलहाल, बिहार समेत कई राज्यों में यह मुद्दा थमने के बजाय और गरमाता नजर आ रहा है.


