महाराष्ट्र में एमवीए सरकार गिराकर लोकतंत्र को कमजोर किया...भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण देने पर भड़के संजय राउत

शिवसेना नेता संजय राउत ने पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण मिलने की कड़ी आलोचना की, उनका आरोप है कि कोश्यारी ने एमवीए सरकार गिराकर लोकतंत्र कमजोर किया, जबकि भाजपा इसे उनके योगदान के रूप में सराहती है.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

मुंबईः शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने की केंद्र सरकार की घोषणा की तीखी आलोचना की है. राउत का आरोप है कि कोश्यारी ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार को गिराकर महाराष्ट्र में लोकतंत्र और संविधान को कमजोर किया.

संजय राउत ने क्या कहा?

राउत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि कोश्यारी ने राज्यपाल के पद का दुरुपयोग कर उद्धव सरकार को सत्ता से बाहर किया और भाजपा के पक्ष में राजनीतिक माहौल बनाया. उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री अजीत पवार और एकनाथ शिंदे सहित महायुति गठबंधन के अन्य नेताओं से भी इस पुरस्कार की निंदा करने का आग्रह किया.

राउत ने आरोप लगाया कि कोश्यारी ने छत्रपति शिवाजी महाराज, महात्मा फुले और सावित्रीबाई फुले जैसी महान हस्तियों का अपमान किया और उनके कार्यकाल के दौरान उनकी विरासत का अनादर किया. उनका कहना था, "कोश्यारी ने लोकतंत्र और संविधान की हत्या की और उद्धव ठाकरे की सरकार को गिरा दिया."

कोश्यारी की भूमिका 

राज्यसभा सांसद राउत ने यह भी कहा कि कोश्यारी ने भाजपा के पक्ष में उद्धव ठाकरे की सरकार को गिराकर राजनीतिक संतुलन बदल दिया और भगवा पार्टी को सत्ता में लाने में अहम भूमिका निभाई. उनके इस कदम को कई आलोचक लोकतांत्रिक परंपराओं के लिए खतरे के रूप में देखते हैं.

कोश्यारी के राज्यपाल कार्यकाल (2019-2023) के दौरान कई ऐसे विवाद भी सामने आए, जिनमें राज्य सरकार द्वारा प्रस्तावित नामों के बावजूद राज्य विधान परिषद की 12 सीटों का खाली रह जाना शामिल था. इसके अलावा, कोश्यारी ने छत्रपति शिवाजी महाराज को 'अतीत का व्यक्ति' कहकर टिप्पणी की थी, जिसने सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर व्यापक आलोचना और आक्रोश पैदा किया.

फडणवीस ने दी बधाई

वहीं, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कोश्यारी को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने पर उन्हें बधाई दी. फडणवीस ने X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, "महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जी को 2026 के पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किए जाने पर हार्दिक बधाई. उनके सार्वजनिक जीवन, शासन और राष्ट्र निर्माण में योगदान पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है." यह स्पष्ट करता है कि राज्य की सत्तारूढ़ भाजपा उनके योगदान को सराहती है, जबकि विपक्ष और राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी इसे आलोचनात्मक दृष्टिकोण से देख रहे हैं.

कौन हैं भगत सिंह कोश्यारी?

भगत सिंह कोश्यारी ने महाराष्ट्र के राज्यपाल के रूप में 2019 से 2023 तक सेवा दी. इससे पहले वे उत्तराखंड के मुख्यमंत्री और संसद सदस्य भी रह चुके हैं. उनके कार्यकाल के दौरान कई राजनीतिक और सांस्कृतिक विवाद सामने आए. विशेष रूप से उनके राज्यपाल काल में उठाए गए निर्णय और दिए गए बयान कई बार विवादित रहे. उद्धव ठाकरे की सरकार के दौरान उनके कुछ कदमों को विपक्ष ने लोकतंत्र के लिए खतरा बताया.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag