Google 5 साल में 1.25 लाख करोड़...सुंदर पिचाई ने भारत में बड़े निवेश का किया ऐलान, आंध्र प्रदेश बनेगा AI डेटा सेंटर

गूगल ने भारत में अगले पांच सालों में 15 अरब डॉलर का निवेश करने का बड़ा ऐलान किया है. यह रकम विशाखापत्तनम में मेगा एआई डेटा सेंटर, अंडरसी केबल और क्लीन एनर्जी के साथ-साथ 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को एआई ट्रेनिंग देने में लगेगी. इससे भारत वैश्विक एआई हब बनेगा.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : भारत में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में अब तक का सबसे महत्वपूर्ण कदम सामने आया है. गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई और डीपमाइंड के प्रमुख डेमिस हासाबिस ने हाल ही में घोषणा की कि कंपनी अगले पांच साल में करीब 15 अरब डॉलर का निवेश करेगी. यह निवेश पिछले साल की घोषणा को आगे बढ़ाते हुए अब ठोस रूप ले रहा है. दोनों नेता वर्तमान में भारत दौरे पर हैं और एआई इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे. सुंदर पिचाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मुलाकात की. यह निवेश भारत को एआई का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है.

विशाखापत्तनम बनेगा एआई का मेगा हब 

आपको बता दें कि इस निवेश का मुख्य केंद्र आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में बनेगा. यहां एक विशाल एआई डेटा सेंटर तैयार होगा. यह सिर्फ इमारत नहीं बल्कि एआई मॉडल ट्रेनिंग, क्लाउड सेवाएं और हाई-कंप्यूटिंग का बड़ा केंद्र होगा. इससे भारत के साथ-साथ पड़ोसी देशों को भी एआई की शक्ति आसानी से मिल सकेगी. स्थानीय स्तर पर तेज और सस्ती कंप्यूटिंग उपलब्ध होगी.

अंडरसी केबल से दुनिया से सीधा जुड़ाव

एआई को तेजी से चलाने के लिए मजबूत इंटरनेट जरूरी है. इसलिए गूगल नए अंडरसी इंटरनेट केबल बिछा रहा है. ये केबल भारत को सिंगापुर, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से सीधे जोड़ेंगे. डेटा अब अमेरिका या यूरोप के रास्ते नहीं जाएगा. रास्ता छोटा होने से स्पीड बढ़ेगी और एशिया, अफ्रीका व दक्षिण अमेरिका में एआई सेवाएं बहुत तेज होंगी.

पर्यावरण के अनुकूल क्लीन एनर्जी पर जोर

डेटा सेंटर को चलाने के लिए भारी बिजली चाहिए. गूगल ने इसे ध्यान में रखते हुए क्लीन एनर्जी प्लांट्स बनाने का फैसला किया है. सौर और पवन ऊर्जा से बिजली मिलेगी. इससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा. कंपनी का लक्ष्य है कि एआई का विकास पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना हो. यह भारत में सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देगा.

सरकार और समाज के लिए AI के नए अवसर

गूगल भारत सरकार के साथ मिलकर एआई को सरकारी कामकाज में जोड़ेगा. लाखों कर्मचारी एआई टूल्स का इस्तेमाल करेंगे. छात्रों को परीक्षा तैयारी के लिए एआई ट्यूटर मिलेंगे. रियल-टाइम अनुवाद से भाषा की समस्या कम होगी. ऑनलाइन धोखाधड़ी रोकने के लिए भी एआई टूल्स तैयार किए जाएंगे. इससे आम आदमी तक एआई की पहुंच बढ़ेगी.

10 करोड़ से ज्यादा लोगों को AI स्किल्स

कंपनी का सबसे बड़ा वादा है कि 10 करोड़ से अधिक लोगों को एआई की ट्रेनिंग दी जाएगी. यह ट्रेनिंग सिर्फ बड़े शहरों तक नहीं रहेगी. छोटे कस्बों और गांवों तक पहुंचेगी. इससे स्टार्टअप्स और डेवलपर्स को लोकल हाई-पावर कंप्यूट मिलेगा. विदेशी सर्वर पर निर्भरता कम होगी. लागत घटेगी और नई नौकरियां पैदा होंगी. भारत एआई की वैश्विक दौड़ में मजबूत स्थिति में आएगा.

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