तेहरान के आसमान में धुएं का गुबार...अमेरिका से युद्ध की आशंका के बीच ईरान में हुआ ब्लास्ट, देखें Video
ईरान की राजधानी तेहरान के पास परंद शहर में एक भीषण विस्फोट हुआ है. अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते तनाव के बीच इस घटना को ट्रंप और नेतन्याहू की गुप्त सैन्य योजना से जोड़कर देखा जा रहा है.

नई दिल्ली : ईरान में एक के बाद एक हो रहे रहस्यमयी धमाकों ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. ताजा मामला राजधानी तेहरान के करीब बसे रिहायशी शहर परंद का है, जहां बुधवार को हुए एक भीषण ब्लास्ट ने स्थानीय लोगों को दहशत में डाल दिया. घंटों तक आसमान में छाया काला धुआं और लोगों की चीख-पुकार इस बात की गवाह है कि स्थिति कितनी गंभीर है. वैश्विक मीडिया में इसे अमेरिका और इजरायल की उस 'सीक्रेट प्लानिंग' का हिस्सा माना जा रहा है.
परंद में खौफनाक मंजर
आपको बता दें कि बुधवार, 18 फरवरी को तेहरान के उपनगरीय इलाके परंद में हुए धमाके का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल गया है. स्थानीय निवासियों का कहना है कि धमाका इतना जबरदस्त था कि पूरा इलाका दहल उठा और करीब दो घंटे तक आसमान में जहरीला काला धुआं छाया रहा. हालांकि ईरानी प्रशासन ने अभी तक नुकसान का आधिकारिक आंकड़ा साझा नहीं किया है, लेकिन इस घटना ने रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं.
Reports of an explosion in the Tehran area, details unclear pic.twitter.com/umtvIOdmMV
— Mossad Commentary (@MOSSADil) February 18, 2026
इजरायली ऑपरेशन का संदेह
केवल तेहरान ही नहीं, बल्कि बंदर अब्बास और अहवाज जैसे रणनीतिक शहरों से भी विस्फोटों की खबरें मिल रही हैं. बंदर अब्बास में हुए हालिया धमाके को ईरानी अधिकारियों ने 'गैस रिसाव' का नतीजा बताया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ इसे इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद का एक गुप्त ऑपरेशन मान रहे हैं. इससे पहले 7 फरवरी को तेहरान के सैन्य बैरक में लगी भीषण आग को भी शॉर्ट सर्किट बताकर दबाने की कोशिश की गई, जिससे शक की सुई इजरायल की ओर ही घूमती है.
ट्रंप-नेतन्याहू की गुप्त योजना
इन धमाकों को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू की साझा सैन्य रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है. खबरों के अनुसार, दोनों नेता ईरान के खिलाफ एक बड़े 'मैक्सिमम प्रेशर' हमले की गुप्त योजना बना रहे हैं. कूटनीतिक हलकों में चर्चा है कि ये रहस्यमयी धमाके उस बड़े सैन्य अभियान की पूर्व संध्या पर की जा रही छोटी कार्रवाइयां हो सकती हैं. ट्रंप प्रशासन तेहरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं को कुचलने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार नजर आ रहा है.
अमेरिका ने की जंगी बेड़े की तैनाती
तनाव की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपना एक विशाल जंगी बेड़ा तैनात कर दिया है. इसमें दो अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट कैरियर, दर्जनों शक्तिशाली युद्धपोत और सैकड़ों घातक लड़ाकू विमान शामिल हैं. ट्रंप के सलाहकारों का दावा है कि आने वाले कुछ हफ्तों में ईरान के खिलाफ पूर्ण सैन्य कार्रवाई होने की 90 प्रतिशत संभावना है. हथियारों का यह भारी जमावड़ा सीधे तौर पर तेहरान को चेतावनी देने और उसे पूरी तरह घेरने के लिए है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती चिंता
ईरान के भीतर हो रहे इन अनसुलझे धमाकों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है. जहां ईरान इन्हें तकनीकी खामी बताकर टालने की कोशिश कर रहा है, वहीं वैश्विक विश्लेषक इसे एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की शुरुआत मान रहे हैं. यदि यह सिलसिला थमा नहीं, तो आने वाले दिन पूरे खाड़ी क्षेत्र के लिए काफी चुनौतीपूर्ण हो सकते हैं. अब सबकी नजरें अमेरिका और इजरायल के अगले कदम पर टिकी हैं, जो ईरान के भविष्य और क्षेत्रीय शांति को तय करेगा.


