भारत में बढ़ता साइबर अपराध: 2025 में 19,800 करोड़ की धोखाधड़ी, 21 लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज

साल 2025 में भारत में साइबर धोखाधड़ी ने गंभीर रूप ले लिया. 21 लाख से अधिक शिकायतों में करीब 19,800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिसमें निवेश से जुड़ी ठगी सबसे बड़ा कारण रही और पांच राज्यों में आधे से ज्यादा मामले दर्ज हुए.

Shraddha Mishra

भारत में धोखाधड़ी और साइबर जालसाजी के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है. वर्ष 2025 के दौरान यह समस्या और गंभीर हो गई, जब देशभर में लाखों लोगों के बैंक खातों से बड़ी मात्रा में पैसा निकल गया. केंद्रीय गृह मंत्रालय के अंतर्गत काम करने वाले भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र (I4C) के आंकड़ों से पता चलता है कि केवल पांच राज्यों में ही 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी हुई है. इस बढ़ते खतरे ने आम नागरिकों, निवेशकों और ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग करने वालों को गहरी चिंता में डाल दिया है.

नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल से मिले आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में करीब 19,812 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. इस दौरान 21 लाख से ज्यादा शिकायतें दर्ज की गईं. हालांकि यह रकम 2024 की तुलना में थोड़ी कम है, लेकिन शिकायतों की संख्या में इजाफा हुआ है. पिछले कुछ वर्षों पर नजर डालें तो 2023 में नुकसान करीब 7,463 करोड़ रुपये था, जबकि 2022 और 2021 में यह आंकड़ा और भी कम रहा था. इससे साफ है कि बीते कुछ सालों में साइबर अपराध तेजी से बढ़े हैं.

सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य

राज्यवार आंकड़े बताते हैं कि महाराष्ट्र इस सूची में सबसे ऊपर है. यहां करीब 3,200 करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी दर्ज की गई. इसके बाद कर्नाटक का स्थान है, जहां लगभग 2,400 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. तमिलनाडु में करीब 1,900 करोड़ रुपये, उत्तर प्रदेश में 1,400 करोड़ रुपये और तेलंगाना में लगभग 1,370 करोड़ रुपये की ठगी सामने आई. 

इन पांच राज्यों में कुल मिलाकर देश के आधे से ज्यादा नुकसान के मामले दर्ज हुए हैं. अन्य राज्यों की बात करें तो गुजरात, दिल्ली और पश्चिम बंगाल में भी हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की धोखाधड़ी हुई है. वहीं छोटे राज्यों में शिकायतों और नुकसान का आंकड़ा अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन वहां भी साइबर अपराध पूरी तरह खत्म नहीं हुए हैं.

किस तरह की धोखाधड़ी सबसे ज्यादा

आंकड़ों के अनुसार, निवेश से जुड़ी ठगी सबसे बड़ा कारण रही, जिसमें कुल नुकसान का लगभग 77 प्रतिशत हिस्सा शामिल है. इसके अलावा डिजिटल गिरफ्तारी, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन, ई-कॉमर्स धोखाधड़ी और मोबाइल ऐप या मैलवेयर के जरिए की गई ठगी के मामले भी सामने आए हैं. यह दिखाता है कि अपराधी लगातार नए तरीके अपनाकर लोगों को निशाना बना रहे हैं.

विदेशों से जुड़े साइबर अपराध

रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि 2025 में दर्ज की गई कई शिकायतों का संबंध विदेशों से था. खासकर दक्षिण-पूर्वी एशिया के कुछ देशों से संचालित गिरोहों का नाम सामने आया है. निवेश धोखाधड़ी, क्रेडिट कार्ड फ्रॉड और सेक्सटॉर्शन जैसे अपराधों में इनका बड़ा योगदान बताया गया है.

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