नई दिल्ली: शादी के लिए जीवनसाथी चुनते समय लोग अक्सर शिक्षा, नौकरी, परिवार और भविष्य की योजनाओं को महत्व देते हैं. लेकिन हाल ही में सोशल मीडिया पर सामने आई एक कहानी ने इस चर्चा को एक मोड़ दिया है. बता दें, उच्च आय वाले पेशेवर की शादी को लेकर बनाई गई शर्तों ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है. क्या है पूरा मामला चलिए जानते है.
यह मामला तब सामने आया जब कबीर मेनन नाम के एक एक्स यूजर ने अपने दोस्त का एक्सपीरयंस शेयर किया है. उनके अनुसार, 34 साल का यह व्यक्ति देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ा हुआ है और एक बड़ी कंसल्टिंग कंपनी में एसोसिएट पार्टनर के पद पर कार्यरत है. वहीं उसकी सालाना आय करीब 1.6 करोड़ रुपये बताई गई है.
कबीर के मुताबिक, युवक ने हाल ही में एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट पर प्रोफाइल बनाई थी. वहीं कुछ ही दिनों में उसे बड़ी संख्या में विवाह प्रस्ताव मिलने लगे. लेकिन बातचीत के दौरान उसे पता चला कि अधिकांश महिलाएं कॉर्पोरेट सेक्टर में कार्यरत हैं और उनकी सालाना आय 6 से 15 लाख रुपये के बीच है. साथ ही वे शादी और बच्चों के बाद भी अपना करियर जारी रखना चाहती हैं.
युवक का मानना है कि अगर दोनों पति-पत्नी की इनकम सामान स्तर पर होती है तो वे घरेलू जिम्मेदारियां और बच्चों की परवरिश बेहतर तरीके से साझा कर सकते हैं. दूसरी ओर, अगर पत्नी घर और बच्चों की देखभाल के लिए नौकरी छोड़ना चाहे, तो वह अकेले आर्थिक जिम्मेदारी उठाने को भी तैयार है. हालांकि, उसे उन परिस्थितियों पर आपत्ति है जहां आय में बड़ा अंतर हो और फिर भी दोनों नौकरी करते रहें.
कबीर ने अपनी पोस्ट में सवाल उठाया कि अगर महिलाएं शादी के लिए अधिक कमाई करने वाले पुरुष को प्राथमिकता देती हैं, तो पुरुषों द्वारा भी आय को एक मानदंड मानना गलत क्यों माना जाता है. उनका तर्क था कि अरेंज्ड मैरिज में दोनों पक्षों को अपनी पसंद और प्राथमिकताएं तय करने का अधिकार है.
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया. कुछ लोगों ने इसे व्यावहारिक सोच बताया, जबकि अन्य ने कहा कि शादी को केवल आर्थिक समीकरणों के आधार पर नहीं देखा जा सकता. कई यूजर्स का मानना है कि किसी व्यक्ति की वर्तमान आय के बजाय उसकी क्षमता और रिश्ते निभाने की समझ को भी महत्व दिया जाना चाहिए. First Updated : Friday, 12 June 2026