नोएडा में बादलों का 23वीं मंजिल से दिखा अद्भुत दृश्य, लोगों को दिखा पहाड़ों जैसा नजारा
सर्दी का मौसम शुरू हो गया है. आज ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गौर सिटी सोसायटी में सर्दी की सुबह कुछ अलग ही देखने को मिली. कोहरे की वजह से ऊपरी मंजिल से सड़क-पेड़ दिखना ही बंद हो गए.

नोएडा: ग्रेटर नोएडा वेस्ट की गौर सिटी सोसायटी में हाल ही में सर्दी की सुबह घने कोहरे ने ऐसा जादू चलाया कि पूरा इलाका बादलों के समंदर में डूबा नजर आया. एक रहवासी ने अपनी 23वीं मंजिल से इस खूबसूरत नजारे का वीडियो बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर लाखों लोगों तक पहुंच चुका है. ऊंची इमारतें बादलों से बाहर झांक रही हैं, जैसे किसी हिल स्टेशन का दृश्य हो.
प्रकृति का अनोखा तोहफा
सुबह-सुबह ठंडी हवाएं और ज्यादा नमी ने कोहरा इतना घना कर दिया कि जमीन के पास सब कुछ छिप गया. ऊपरी मंजिलों से देखने पर नीचे की सड़कें, गाड़ियां और पेड़ पूरी तरह गायब हो गए. सिर्फ ऊंचे टावर बादलों के ऊपर तैरते हुए दिख रहे थे.
यह नजारा उत्तराखंड या हिमाचल की पहाड़ियों जैसा था, जहां बादल नीचे रहते हैं और चोटियां ऊपर चमकती हैं. स्थानीय लोग बताते हैं कि सर्दियों में ऐसा मौसम आम है, लेकिन इस बार का दृश्य बेहद खास था.
सोशल मीडिया पर धूम
वीडियो शेयर होते ही लोगों ने इसे प्रकृति का करिश्मा कहा. कई यूजर्स ने लिखा, "अब हिल स्टेशन जाने की जरूरत नहीं, नोएडा में ही स्विट्जरलैंड या दुबई जैसा व्यू मिल रहा है." कुछ ने मजाक में कहा कि यह गोथम सिटी लग रही है या स्वर्ग का द्वार खुल गया.
वीडियो पर हजारों लाइक्स और शेयर्स आए, लोग अपनी-अपनी बालकनी से ऐसे फोटो शेयर करने लगे. यह दृश्य शहर की भागदौड़ भरी जिंदगी में एक सुकून भरा पल लेकर आया.
यह #एनसीआर में ही संभव है अगर आप 10 वीं मंजिल से ऊपर घर लेते हैं तो आपको बिल्कुल स्वर्ग जैसा फील आयेगा.. लेकिन असल में ये ऐसा नर्क है जिससे हर कोई प्रभावित है.. #Pollution pic.twitter.com/JAqoD9ORni
— Pravendra Singh Sikarwar (@Pravendra_Sikar) December 14, 2025
क्यों बनता है ऐसा नजारा
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दियों में तापमान कम होने और नमी बढ़ने से कोहरा जमीन के करीब आ जाता है. ऊंची इमारतों वाले शहरों में ऊपरी हिस्से साफ रहते हैं, जिससे ऐसा भ्रम होता है कि बिल्डिंग्स बादलों पर खड़ी हैं. हालांकि, यह सुंदरता के साथ खतरा भी लाती है. कोहरे से विजिबिलिटी जीरो हो जाती है, सड़कों पर दुर्घटनाएं बढ़ जाती हैं.


