Video: इलाज के लिए पत्नी कर रही पैसों का इंतजाम, तभी ICU से बाहर निकला 'कोमा' मरीज, कहा- मुझे कैद किया गया
मध्य प्रदेश के रतलाम में GD अस्पताल में भर्ती बंटी निनामा ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें जबरन कैद किया. जिसकी वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया पर वायरल हो गई. इसे लेकर, जिला कलेक्टर ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया, लेकिन जांच पूरी नहीं हो सकी क्योंकि मरीज का परिवार उन्हें इंदौर ले गया.

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के GD अस्पताल में एक मरीज का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. जिसमें वो आरोप लगा रहा है कि अस्पताल प्रशासन ने उन्हें कैद किया था. इस वीडियो में मरीज बंटी निनामा अस्पताल से निकलते हुए दिख रहे हैं. वहीं, बंटी निनामा की पत्नी लक्ष्मी ने भी इस घटना को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं और अस्पताल के खिलाफ शिकायत की है.
घटना की गंभीरता और पीड़ित का बयान
मरीज बंटी निनामा की पत्नी लक्ष्मी ने बताया कि अस्पताल ने उनके पति की हालत को गंभीर घोषित करते हुए ये दावा किया कि वो कोमा में हैं. साथ ही, अस्पताल ने उनसे इलाज के लिए एडवांस पेमेंट भी मांगी थी. लक्ष्मी ने जब 1 लाख रुपये का इंतजाम किया और अस्पताल लौटी, तो उन्हें पता लगा कि डॉक्टर उनके पति को आईसीयू में बांधकर रखे हुए थे.
लक्ष्मी ने आगे बताया कि जब मैं अस्पताल वापस आई, तो देखा कि डॉक्टर मेरे पति का गला दबा रहे थे और उनके हाथ बांध दिए गए थे. शुरू में मुझे लगा कि वे पानी डाल रहे थे क्योंकि वो बेहोश थे, लेकिन जब मेरे पति ने मुझसे कहा कि वो काफी समय पहले होश में आ गए थे और उन्हें मुझसे मिलने की अनुमति मिल रही थी, तो मुझे ये समझ में आया कि अस्पताल कर्मचारी उन्हें गलत तरीके से पेश आ रहे थे.
Shocking 🚨
— यमराज (@autopsy_surgeon) March 6, 2025
A Coma Patient Walks Out of Private Hospital in Ratlam Exposes Alleged Medical Scam!
A dramatic scene unfolded outside a private hospital in Ratlam when a so-called "coma patient" walked out in a semi-naked state, carrying a urine bag and a bottle. pic.twitter.com/ohukTLkRuq
मरीज की पिटाई और तस्करी के आरोप
मरीज बंटी निनामा को दो समूहों के बीच हिंसक झड़प में गंभीर चोटें आई थी. उन्हें इलाज के लिए इंदौर भेजने की सलाह दी गई थी, लेकिन उनके परिवार ने उन्हें GD अस्पताल में भर्ती करवाया. बंटी निनामा ने बताया कि जैसे ही मुझे होश आया, मैंने परिवार से मिलने की इच्छा जताई. मैंने दो बार अनुरोध किया और अस्पताल के एक महिला कर्मचारी ने मुझे दो विकल्प दिए - या तो डॉक्टर को मेरे सामने बुलाया जाएगा, या मुझे परिवार से संपर्क करने दिया जाएगा. मैंने परिवार से संपर्क करने का ऑप्शन चुना, लेकिन इसके बजाय डॉक्टर आए और मुझे सख्ती से आदेश दिया कि मैं वहीं रहूं. मेरे हाथ और पैर बांध दिए गए थे और मुझ पर ताकत का इस्तेमाल किया गया.
वायरल वीडियो पर अस्पताल का दावा
अस्पताल प्रशासन ने मरीज बंटी निनामा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसे आईसीयू में भर्ती किया गया था, लेकिन दो घंटे बाद वह हंगामा करने लगे थे. अस्पताल ने कहा कि उनका कुल बिल, जिसमें दवाइयां और अन्य खर्च शामिल थे, 8,000 रुपये था. अस्पताल ने मरीज के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए अपनी सफाई दी.
वीडियो वायरल होने के बाद, जिला कलेक्टर के आदेश पर मुख्य चिकित्सा और स्वास्थ्य अधिकारी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया. हालांकि, समिति ने अस्पताल का दौरा किया, लेकिन जांच पूरी नहीं हो सकी क्योंकि मरीज का परिवार उन्हें इलाज के लिए इंदौर ले गया और अधिकारियों को उनके बयान दर्ज करने का मौका नहीं मिला.


