21 लाख मोबाइल नंबर ब्लॉक, स्पैम और फ्रॉड पर कसी लगाम, TRAI का बड़ा एक्शन

TRAI ने पिछले एक वर्ष में 21 लाख मोबाइल नंबर ब्लॉक किए, जो स्पैम और फ्रॉड कॉल्स में शामिल थे. यूजर्स को TRAI DND ऐप से रिपोर्ट करने, निजी जानकारी साझा न करने और साइबर अपराध हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत करने की सलाह दी गई.

Yaspal Singh
Edited By: Yaspal Singh

नई दिल्लीः भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने स्पैम कॉल्स और साइबर फ्रॉड पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले एक वर्ष में 21 लाख मोबाइल नंबरों को ब्लॉक कर दिया है. इन नंबरों का इस्तेमाल बड़ी मात्रा में स्पैम कॉल्स, धोखाधड़ी वाले संदेश भेजने और यूज़र्स की निजी जानकारी चुराने के लिए किया जा रहा था. बढ़ते डिजिटल फ्रॉड को देखते हुए TRAI ने न केवल नंबर ब्लॉक किए, बल्कि इसके साथ ही नागरिकों को सतर्क रहने के लिए एक विशेष पब्लिक एडवाइजरी भी जारी की है.

कैसे पकड़े गए फ्रॉड नंबर?

TRAI ने बताया कि जिन नंबरों को ब्लॉक किया गया, वे यूजर्स की शिकायतों और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर चिन्हित किए गए थे. इन नंबरों से लगातार ऐसी गतिविधियां हो रही थीं जो स्पैम पैटर्न में आती हैं, जैसे कि लोन ऑफर, फर्जी बैंक कॉल्स, केवाईसी अपडेट के नाम पर जानकारी मांगना, या नकली इनाम जीतने का झांसा देना. यूजर्स की बढ़ती शिकायतों को आधार बनाकर इन नंबरों को ब्लैकलिस्ट किया गया.

TRAI DND ऐप बना बड़ा हथियार

TRAI ने बताया कि बड़े स्तर पर कार्रवाई इसलिए संभव हो पाई क्योंकि लोगों ने TRAI DND (Do Not Disturb) ऐप के जरिए स्पैम कॉल्स और मैसेज की रिपोर्ट की. इस ऐप पर शिकायत दर्ज होने के बाद सिस्टम उन नंबरों को ट्रैक करता है जो लगातार स्पैम या फ्रॉड गतिविधि में शामिल रहते हैं. इन्हीं रिपोर्ट्स के आधार पर लाखों नंबर ब्लॉक किए गए.

सिर्फ अपने मोबाइल पर किसी नंबर को ब्लॉक करना समाधान नहीं है, क्योंकि स्कैमर्स नए नंबरों से दोबारा एक्टिव हो जाते हैं. लेकिन जब यूज़र किसी नंबर को TRAI DND ऐप पर रिपोर्ट करता है, तो उस नंबर की जांच की जाती है और दोषी पाए जाने पर उसे राष्ट्रीय स्तर पर ब्लैकलिस्ट कर दिया जाता है. इसी वजह से TRAI ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे सिर्फ ब्लॉक न करें, बल्कि रिपोर्ट भी अवश्य करें.

क्यों बार-बार बदलते हैं स्कैमर्स नंबर?

TRAI के अनुसार, धोखाधड़ी करने वाले लोग अक्सर नए या फर्जी दस्तावेजों पर मोबाइल नंबर जारी करवाते हैं, जिससे उनके पीछे पहुंच पाना मुश्किल हो जाता है. यही कारण है कि सिर्फ स्पैम कॉल आने पर नंबर ब्लॉक कर देने से समस्या खत्म नहीं होती. स्कैमर्स तुरंत नया नंबर लेकर सक्रिय हो जाते हैं. इसलिए, उनके द्वारा उपयोग किए गए नंबरों को राष्ट्रीय स्तर पर ब्लैकलिस्ट होना जरूरी है.

TRAI ने जारी की जरूरी सावधानियां

TRAI ने आम लोगों के लिए कुछ महत्वपूर्ण गाइडलाइन जारी की हैं, जिससे वे फ्रॉड कॉल्स और स्पैम संदेशों से सुरक्षित रह सकें.

1. TRAI DND ऐप इंस्टॉल करें

स्पैम कॉल या मैसेज को ऐप के माध्यम से रिपोर्ट करें. यही तरीका उन नंबरों को स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट करने में मदद करता है.

2. निजी जानकारी साझा न करें

किसी भी अजनबी कॉलर या मैसेज पर अपना बैंक विवरण, OTP, आधार नंबर या व्यक्तिगत जानकारी कभी न दें. असली बैंक कभी भी फोन पर ऐसी जानकारी नहीं मांगते.

3. संदिग्ध कॉल तुरंत काट दें

यदि कॉल या मैसेज में कोई संदेह हो, तो तुरंत बातचीत समाप्त कर दें. किसी भी लिंक पर क्लिक न करें जो अज्ञात स्रोत से आया हो.

4. साइबर अपराध की शिकायत करें

यदि किसी प्रकार की धोखाधड़ी का सामना हो, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें.
 

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