चांदी के दाम 3 लाख के पार? अगले 24 घंटे में हो सकता है बड़ा उछाल
अगले 24-36 घंटों में चांदी का भाव भारत में 3 लाख रुपये के पार जा सकता है. ताजा अमेरिकी महंगाई आंकड़े कमजोर आए हैं, जिससे ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद बढ़ गई है. साथ ही बढ़ता जियो-पॉलिटिकल तनाव और टैरिफ का डर भी चांदी को नई उड़ान दे रहा है.

नई दिल्ली: चांदी निवेशकों के लिए अगले 24 घंटे बेहद अहम होने वाले हैं. देशभर के बाजार में मंगलवार को चांदी के दाम 2.80 लाख रुपए के करीब पहुंच गए थे और बाजार बंद होने तक 2.75 लाख रुपए के पार थे. विश्लेषकों का कहना है कि अगर बुधवार को भी कीमतों में तेजी जारी रहती है तो चांदी 3 लाख रुपए के लेवल को आसानी से पार कर सकती है. जनवरी में चांदी की कीमतों में अब तक लगभग 17 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की जा चुकी है.
विशेषज्ञों के अनुसार इस तेजी के पीछे कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारण काम कर रहे हैं. अमेरिका का महंगाई डेटा, फेड और ट्रंप के बीच जारी खींचतान, अंतरराष्ट्रीय टैरिफ फैसले और गियो-पॉलिटिकल तनाव जैसी घटनाएं चांदी की कीमतों को सहारा दे रही हैं. वहीं डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट और इंडस्ट्रीयल डिमांड में बढ़ोतरी भी कीमतों में उछाल का अहम कारण हैं.
अमेरिका में महंगाई और फेड रिजर्व
विशेषज्ञों के अनुसार दिसंबर में अमेरिका में महंगाई दर 2.7 फीसदी रही. इस आंकड़े के बाद संभावना है कि फेड ब्याज दरों में कटौती कर सकता है. इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ा और सोने-चांदी की कीमतों में तेजी देखी गई. वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोने के दाम 4,632 डॉलर प्रति ओंस और चांदी के दाम 90 डॉलर प्रति ओंस के करीब हैं.
फेड और ट्रंप के बीच टकराव
ट्रंप ने फेड चेयरमैन जेरोम पॉवेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं और अगर पॉवेल हटते हैं, तो नए चेयरमैन की नियुक्ति ट्रंप की पसंद का हो सकती है. इस स्थिति से ब्याज दरों में कटौती की संभावना बढ़ती है और चांदी के दामों में उछाल आ सकता है.
सुप्रीम कोर्ट और टैरिफ का असर
15 जनवरी को ट्रंप टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने वाला है. निवेशक इस फैसले के परिणाम की वजह से सुरक्षित संपत्ति यानी सोने और चांदी की ओर रुख कर रहे हैं. इसके अलावा अमेरिका की रूस विरोधी टैरिफ योजना भी भारत और चीन सहित कुछ देशों के खिलाफ असर डाल सकती है, जो चांदी को समर्थन दे रही है.
अंतरराष्ट्रीय तनाव और जियो-पॉलिटिकल फैक्टर
ईरान, वेनेजुएला, कंबोडिया और क्यूबा के साथ अमेरिका के तनाव ने सोने और चांदी की कीमतों को बढ़ावा दिया है. रूस-यूक्रेन संघर्ष और अन्य भू-राजनीतिक घटनाएं भी निवेशकों को सेफ हैवन की ओर आकर्षित कर रही हैं.
गोल्ड- सिल्वर रेश्यो और इंडस्ट्रीयल डिमांड
गोल्ड और सिल्वर रेश्यो मौजूदा समय में 51.556 के लेवल पर है, जो 13 साल के निचले स्तर पर है. विशेषज्ञों का कहना है कि रेश्यो 43 के स्तर पर आने पर चांदी के दाम 100 डॉलर प्रति ओंस तक पहुंच सकते हैं. साथ ही, सोलर पैनल उत्पादन में चांदी की भारी मांग भी कीमतों को समर्थन दे रही है.
रुपये में कमजोरी और घरेलू बाजार
डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट चांदी की कीमतों को लोकल स्तर पर बढ़ावा दे रही है. देश के वायदा बाजार में बुधवार को चांदी के दाम सुबह 2,82,450 रुपए पर कारोबार कर रहे थे और दिन में 2,82,750 रुपए के लाइफ टाइम हाई को भी पार कर गए.


