Admit Card दिखाते ही लंबी लाइनों से छुटकारा...CBSE बोर्ड परीक्षा के दौरान DMRC ने तैयार किया खास प्लान

दिल्ली मेट्रो ने सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं 2026 को देखते हुए लाखों छात्रों के लिए खास इंतजाम किए है. बोर्ड की परीक्षाएं 17 फरवरी से 10 अप्रैल तक चलेंगी. इस दौरान मेट्रो स्टेशनों पर एडमिट कार्ड दिखाने पर छात्रों को विशेष सुविधाएं दी जाएंगी.

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

नई दिल्ली : दिल्ली में सीबीएसई की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू होकर 10 अप्रैल तक चलेंगी. लाखों छात्रों की सुगम आवाजाही के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने विशेष तैयारी की है. छात्रों को समय पर परीक्षा केंद्र पहुंचने में कोई बाधा न आए, इसके लिए मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा से लेकर टिकट वितरण तक के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. सीआईएसएफ के सहयोग से लागू की गई यह विशेष व्यवस्था परीक्षा के महत्वपूर्ण दिनों में छात्रों के लिए वरदान साबित होगी.

एडमिट कार्ड बनेगा 'वीआईपी पास'

आपको बता दें कि मेट्रो स्टेशनों पर अब छात्रों को लंबी कतारों में खड़ा होने की जरूरत नहीं पड़ेगी. डीएमआरसी के अनुसार, जो छात्र अपना वैध एडमिट कार्ड दिखाएंगे, उन्हें सुरक्षा जांच के दौरान विशेष प्राथमिकता दी जाएगी. सीआईएसएफ के जवान इन छात्रों को तुरंत प्रवेश दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे. इस पहल का मुख्य मकसद यह सुनिश्चित करना है कि छात्र परीक्षा के तनाव के बीच यात्रा में अपना कीमती समय बर्बाद न करें और समय रहते शांतिपूर्वक और सुरक्षित तरीके से अपने केंद्र तक पहुँच सकें.

टिकट काउंटर पर नहीं करना होगा इंतजार

भीड़भाड़ वाले घंटों में अक्सर टिकट लेने के लिए छात्रों को काफी मशक्कत करनी पड़ती है. अब इस समस्या का स्थायी समाधान निकाल लिया गया है. मेट्रो स्टाफ को एडमिट कार्ड दिखाने पर विद्यार्थियों को टिकट ऑपरेटिंग मशीन और कस्टमर केयर केंद्रों पर भी प्राथमिकता मिलेगी. उन्हें सामान्य यात्रियों से अलग और जल्दी टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे. इससे टिकट खिड़की पर होने वाली अनावश्यक झिकझिक खत्म होगी और छात्र बिना किसी मानसिक दबाव या देरी के अपनी महत्वपूर्ण यात्रा सुगमता से शुरू कर पाएंगे.

सुरक्षा जांच और भीड़ प्रबंधन के विशेष उपाय लागू

डीएमआरसी के कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन प्रमुख अनुज दयाल ने बताया कि परीक्षा के दौरान स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी होने की संभावना रहती है. इसे संभालने के लिए सुरक्षा जांच और भीड़ प्रबंधन के विशेष उपाय लागू किए गए हैं. सीआईएसएफ और मेट्रो स्टाफ मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि छात्रों का आवागमन सुचारू रूप से चलता रहे. सुरक्षा व्यवस्था को इस तरह से लचीला बनाया गया है कि प्राथमिकता के आधार पर छात्रों को बिना किसी लंबी प्रतीक्षा के निकासी मिल सके.

आपात स्थिति में तुरंत मदद के लिए तत्पर

स्टेशनों पर छात्रों की सहायता के लिए केवल बुनियादी सुविधाओं तक ही सीमित नहीं रहा गया है. बोर्ड परीक्षाओं के दिनों में स्टेशनों पर नियमित अंतराल पर विशेष सार्वजनिक उद्घोषणाएं भी की जाएंगी. ये घोषणाएं छात्रों को सही प्लेटफॉर्म और निकास द्वार की जानकारी देने के साथ-साथ उन्हें परीक्षा के लिए शुभकामनाएं देने के लिए भी होंगी. इसके अलावा, मेट्रो स्टेशनों पर मौजूद कर्मचारी और वॉलंटियर्स भी छात्रों को सही रास्ता दिखाने और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत मदद के लिए तत्पर रहेंगे.

लाखों विद्यार्थियों को सीधा लाभ

राजधानी में 10वीं और 12वीं के लाखों परीक्षार्थी हर साल परिवहन की समस्याओं से जूझते हैं. डीएमआरसी की यह व्यापक व्यवस्था उन परिवारों के लिए भी बड़ी राहत है जिनके बच्चे अकेले यात्रा करते हैं. 17 फरवरी से 10 अप्रैल के बीच चलने वाले इस लंबे परीक्षा सत्र में मेट्रो अब छात्रों का सबसे भरोसेमंद साथी बनकर उभरेगी. सुरक्षा, सुविधा और समय की बचत के इस त्रिकोणीय समन्वय से दिल्ली मेट्रो ने अपनी सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का एक और बेहतरीन उदाहरण पेश किया है.

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