भारतीय नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं फिर से शुरू...तारिक रहमान सरकार का बड़ा फैसला

बांग्लादेश में BNP की सरकार बनते ही दोनों देशों के रिश्तों में सुधार के संकेत दिखने लगे है. दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारतीय नागरिकों के लिए सभी वीजा सेवाएं फिर से शुरू कर दी है. यह सेवाएं पिछले दो महीने से बंद थी. यह फैसला तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के तुरंत बाद लिया गया है. 

Utsav Singh
Edited By: Utsav Singh

बांग्लादेश : भारत और बांग्लादेश के बीच बीते कुछ महीनों से जारी कूटनीतिक कड़वाहट को खत्म करने की दिशा में एक बड़ा और सकारात्मक कदम उठाया गया है. शुक्रवार को दिल्ली स्थित बांग्लादेश हाई कमीशन ने भारतीय नागरिकों के लिए सभी श्रेणियों की वीजा सेवाएं बहाल कर दीं. यह फैसला नवनियुक्त प्रधानमंत्री तारिक रहमान के शपथ ग्रहण के ठीक तीन दिन बाद आया है. इससे साफ संदेश मिलता है कि ढाका की नई सरकार नई दिल्ली के साथ अपने द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर लाने के लिए बेहद गंभीर है.

रिश्तों में जमी बर्फ पिघली

बता दें कि करीब दो महीने के लंबे और अनिश्चित इंतजार के बाद दिल्ली में काउंसलर सेवाएं दोबारा शुरू होने से यात्रियों और व्यापारियों ने राहत की बड़ी सांस ली है. पिछले साल दिसंबर में दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव अपने चरम पर था. जिसके कारण बिजनेस और वर्क वीजा को छोड़कर बाकी सभी सेवाओं पर अचानक रोक लगा दी गई थी. अब मेडिकल और पर्यटन सहित सभी श्रेणियों के वीजा सामान्य रूप से मिलने शुरू हो गए हैं. यह विकास विश्वास बहाली का पहला बड़ा संकेत माना जा रहा है.

हादी की हत्या से बिगड़े थे हालात 

दोनों देशों के रिश्तों में आई इस भयानक गिरावट की मुख्य वजह छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की संदिग्ध हत्या थी. इस दुखद घटना के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में भारत विरोधी तत्वों ने बेहद उग्र प्रदर्शन किए थे. उस अस्थिरता के दौरान कई अल्पसंख्यकों को निशाना बनाया गया और लिंचिंग जैसी दुर्भाग्यपूर्ण घटनाएं भी सामने आई थीं. इन बिगड़ते हालातों के मद्देनजर भारत ने भी सुरक्षा कारणों से अपनी वीजा सेवाओं को काफी सीमित कर दिया था. हालांकि अब राजनीतिक बदलाव के साथ ही सुधार हो रहा है.

भारत का सकारात्मक रुख

ढाका के इस सकारात्मक रुख के जवाब में भारत ने भी जल्द ही अपनी सभी वीजा सेवाएं पूरी तरह बहाल करने का भरोसा दिया है. सिलहट में तैनात भारतीय वरिष्ठ कांसुलर अधिकारी अनिरुद्ध दास ने स्थानीय मीडिया को बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों के लिए मेडिकल और डबल-एंट्री वीजा वर्तमान में जारी किए जा रहे हैं. बहुत जल्द अन्य श्रेणियों. विशेषकर सामान्य यात्रा वीजा को भी पहले की तरह शुरू कर दिया जाएगा. भारत की यह पहल क्षेत्रीय स्थिरता और दोनों देशों के बीच जनसंपर्क को बढ़ाने में सहायक होगी.

तारिक रहमान को भारत आने का दिया निमंत्रण

इसी महत्वपूर्ण सप्ताह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने खुद ढाका जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से तारिक रहमान को भारत आने का एक गरिमामयी निमंत्रण सौंपा है. बिरला ने न केवल शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होकर नई सरकार को बधाई दी. बल्कि रहमान के साथ भविष्य के सहयोग पर विस्तृत चर्चा भी की. भारत चाहता है कि अपने इस करीबी पड़ोसी के साथ मिलकर व्यापार. सुरक्षा और विकास के क्षेत्रों में मजबूती से काम किया जाए. इस मुलाकात ने द्विपक्षीय संबंधों की अब एक नई आधारशिला रख दी है.

दिल्ली यात्रा पर टिकी नजरें

अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि प्रधानमंत्री तारिक रहमान अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा के रूप में किस देश को चुनते हैं. कूटनीतिक हलकों में यह बड़ा सवाल है कि क्या वे पुरानी परंपरा का निर्वहन करते हुए सबसे पहले दिल्ली आएंगे? पिछले साल मोहम्मद यूनुस ने इस स्थापित परंपरा को तोड़ते हुए चीन का दौरा किया था. जिससे नई दिल्ली में कुछ नाराजगी देखी गई थी. यदि रहमान भारत को अपनी पहली प्राथमिकता बनाते हैं. तो यह एक ऐतिहासिक और निर्णायक मोड़ साबित होगा.

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