भारत-पाकिस्तान मैच पर विवाद, रवीना टंडन ने टीम इंडिया से लगाई खास उम्मीद

एशिया कप 2025 में भारत-पाकिस्तान मैच से पहले पहलगाम आतंकी हमले के कारण देशभर में बहिष्कार की मांग उठी. अभिनेत्री रवीना टंडन सहित कई लोगों ने शहीदों को सम्मान देने के लिए टीम इंडिया से काली पट्टी पहनने और मौन रखने की अपील की.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

Raveena on Ind vs Pak Match: एशिया कप 2025 के तहत भारत और पाकिस्तान के बीच बहुप्रतीक्षित मुकाबला रविवार शाम दुबई में खेला जाएगा. लेकिन इस मैच को लेकर देश में भारी विवाद खड़ा हो गया है. अप्रैल में हुए पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोग इस मैच का बहिष्कार करने की मांग कर रहे हैं. लोगों की अपील है कि बीसीसीआई और सरकार को पाकिस्तान के खिलाफ इस मैच से हट जाना चाहिए था.

एक मिनट का मौन 

ऐसे माहौल में अभिनेत्री रवीना टंडन ने एक भावनात्मक अपील की है. उन्होंने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट और इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा कि अगर मैच रद्द नहीं हो सकता, तो कम से कम भारतीय टीम को काली पट्टी पहनकर खेलना चाहिए और घुटने टेककर शहीदों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए. उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि एक मिनट का मौन रखा जाए और टीम जीत के बाद यह सम्मान दे.

रवीना ने बीसीसीआई का एक समाचार लेख भी साझा किया, जिसमें बताया गया था कि भारत क्यों पाकिस्तान के खिलाफ मैच का बहिष्कार नहीं कर सकता. उन्होंने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए यही सवाल उठाया कि क्या हम शहीदों के लिए इतना भी नहीं कर सकते.

फिल्मी हस्तियों की राय

इस बहस पर फिल्मी हस्तियों की राय भी सामने आई है. अभिनेता सुनील शेट्टी ने स्पष्ट किया कि खिलाड़ियों को दोष नहीं देना चाहिए क्योंकि वे देश का प्रतिनिधित्व करने के लिए बाध्य हैं. उन्होंने कहा कि अगर मैं यह मैच नहीं देखना चाहता तो यह मेरा व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन खिलाड़ियों को इसके लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता.

अभिनेता ज़ायेद खान ने खेल को राजनीति से अलग रखने की वकालत की. उन्होंने कहा कि खेल तो खेल होता है, इसमें रिश्ते बनने दीजिए. वहीं, साईं दुर्गा तेज ने उम्मीद जताई कि भारत इस मुकाबले को जीतेगा और कहा कि उनकी सारी दुआएं भारत की जीत के लिए हैं.

गौरतलब है कि 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग ज़िले के पहलगाम क्षेत्र में हुए आतंकी हमले में 26 नागरिकों की जान गई थी, जिसमें ज्यादातर पर्यटक थे. इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट ने ली थी. 

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