'कोर्ट में घसीटूंगा...', जावेद अख्तर AI डीपफेक वीडियो पर हुए आगबबूला

जावेद अख्तर का एक फर्जी AI-जनरेटेड वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्हें टोपी पहने हुए दिखाया गया है और दावा किया जा रहा है कि वो अब 'भगवान की शरण' में चले गए हैं.

Goldi Rai
Edited By: Goldi Rai

नई दिल्ली: दिग्गज लेखक और गीतकार जावेद अख्तर के नाम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह टोपी पहने नजर आ रहे हैं और दावा किया जा रहा है कि उन्होंने भगवान को मान लिया है. हालांकि, अख्तर ने X पर स्पष्ट किया कि यह AI द्वारा बनाया गया फेक वीडियो है और इसका कोई वास्तविकता से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा कि इस फर्जी वीडियो के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई करेंगे.

जावेद अख्तर का बयान

अख्तर ने ट्वीट में लिखा कि एक फेक वीडियो सर्कुलेट हो रहा है, जिसमें मेरी कंप्यूटर से बनाई गई फेक तस्वीर है और मेरे सिर पर टोपी है. इतना ही नहीं दावा किया जा रहा है कि आखिरकार मैंने भगवान को मान लिया है. यह बकवास है. उन्होंने आगे कहा कि मैं इस मामले की साइबर पुलिस में रिपोर्ट करने के बारे में गंभीरता से सोच रहा हूं और आखिरकार इस फेक खबर के लिए जिम्मेदार व्यक्ति और इसे फॉरवर्ड करने वाले कुछ लोगों को मेरी इज्जत और विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाने के लिए कोर्ट में घसीटूंगा.

नेटिजन्स ने जताया समर्थन

अख्तर के ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी प्रतिक्रिया दी. एक नेटिजन ने लिखा कि सर, इज्जतत के साथ सिर्फ टोपी पहनने से कोई धार्मिक थोड़ी हो जाता है? हां, लेकिन कई लोग दूसरों को टोपी पहनाकर भगवान जरूर बन चुके हैं. एक अन्य यूजर ने मजाकिया अंदाज में कहा कि विडंबना यह है कि जिस व्यक्ति ने यह वीडियो बनाया है, उसे अभी भगवान की आपसे कहीं ज्यादा जरूरत है, खासकर अपने आने वाले लीगल फीस का पेमेंट करने का रास्ता खोजने के लिए.

जावेद अख्तर और मुफ्ती शमाइल नदवी की बहस

पिछले महीने जावेद अख्तर ने ‘क्या भगवान मौजूद हैं?’ नामक बहस में इस्लामिक विद्वान मुफ्ती शमाइल नदवी के खिलाफ हिस्सा लिया था. इस बहस के वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे. इस दौरान कुछ लोगों ने अख्तर की तारीफ की, तो कुछ ने उन्हें ट्रोल भी किया.

मुफ्ती शमाइल नदवी कौन हैं?

मुफ्ती शमाइल नदवी का पूरा नाम शमाइल अहमद अब्दुल्ला है. उनका जन्म 7 जून, 1998 को कोलकाता में हुआ. उन्होंने बचपन से ही धर्म की पढ़ाई शुरू की और दारुल उलूम नदवतुल उलेमा से 6 साल की पढ़ाई कर मुफ्ती की डिग्री हासिल की. उन्होंने इस्लामी धर्मशास्त्र, कुरान, हदीस और इस्लामी कानून का गहन अध्ययन किया है.

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