कंगना रनौत की 'इमरजेंसी' पर फिर बवाल, रिलीज के दिन पंजाब में भारी विरोध, एसजीपीसी ने की बैन की मांग
कंगना रनौत की फिल्म 'इमरजेंसी' काफी विवादो में घिरने के बाद आखिरकार सिनेमाघरो में रिलीज हो गई है. हालांकि, रिलीज के दिन पंजाब में इस फिल्म को लोगों ने काफी विवाद देखने को मिला है. शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) ने सरकार से फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर रहे हैं.

कंगना रनौत की डायरेक्शन में बनी फिल्म फिल्म इमरजेंसी काफी दिनों से विवादो में घिरी हुई है. इस बीच फिल्म रिलीज के दिन पंजाब में भारी बवाल देखने को मिला. एसजीपीसी (शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी) ने सरकार से इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी. इसके चलते कई इलाकों में सिनेमाघरों के बाहर विरोध प्रदर्शन हुए, जिनकी वजह से सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी.
क्या है 'इमरजेंसी' की कहानी?
फिल्म इमरजेंसी की कहानी की बात करे तो इसकी कहानी भारत में 1975 में लगाए गए आपातकाल पर आधारित है. इस फिल्म में कंगना ने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की भूमिका निभाई है. फिल्म न केवल उनके जीवन को छूती है, बल्कि उस समय की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों को भी उजागर करती है.
सेंसर बोर्ड से जुड़ा विवाद
इमरजेंसी की रिलीज कई बार टली. शुरुआत में इसे 15 अगस्त को रिलीज किया जाना था, लेकिन सेंसर बोर्ड की मंजूरी में देरी के कारण इसकी तारीख बदल दी गई. सेंसर बोर्ड ने फिल्म के तीन दृश्यों को हटाने की मांग की थी, लेकिन निर्माताओं ने इस पर सहमति नहीं जताई. बाद में फिल्म को रिलीज करने के लिए निर्माताओं ने बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया.
विरोध की वजह
एसजीपीसी ने फिल्म की सामग्री पर आपत्ति जताते हुए इसे सिख समुदाय के प्रति अपमानजनक बताया है. उनका कहना है कि फिल्म में कुछ दृश्य और संवाद गलत तरीके से प्रस्तुत किए गए हैं, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं.
स्टारकास्ट और प्रोडक्शन
आपको बता दें कि फिल्म इमरजेंसी को कंगना रनौत ने निर्देशित किया है. इसमें अनुपम खेर, महिमा चौधरी, मिलिंद सोमन, श्रेयस तलपड़े, दिवंगत सतीश कौशिक जैसे बड़े कलाकारों ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं. फिल्म का निर्माण ज़ी स्टूडियोज़ और मणिकर्णिका फिल्म्स ने किया है.


