भारत की संसद से उठा लोकतंत्र का स्वर, थरूर ने मोदी के संदेश को दुनिया तक पहुंचाया
संसद भवन में हुए एक खास अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी का भाषण चर्चा में रहा, जिसे कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भारत की लोकतांत्रिक ताकत का उदाहरण बताया

भारत की नई संसद इमारत में हुए कॉमनवेल्थ स्पीकर्स कॉन्फ्रेंस ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा. इस सम्मेलन में अलग अलग देशों के संसद अध्यक्ष भारत आए थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी को संबोधित किया. उन्होंने कहा कि भारत में लोकतंत्र सिर्फ चुनाव नहीं बल्कि आम लोगों तक सुविधा पहुंचाना है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर भी इस बैठक में मौजूद थे. उन्होंने सोशल मीडिया पर बताया कि प्रधानमंत्री का भाषण लोकतंत्र और विविधता की भावना दिखाता है. थरूर ने इसे भारत की सॉफ्ट पावर बताया. उनका कहना था कि विदेशी मेहमान भारत की प्रणाली को करीब से देख रहे थे. इस मौके पर भारत की छवि एक मजबूत लोकतंत्र की तरह उभरी.
थरूर ने मोदी के भाषण को क्यों सराहा
शशि थरूर ने अपने एक्स पोस्ट में प्रधानमंत्री के भाषण को खास बताया. उन्होंने लिखा कि मोदी ने भारत की विविधता और लोकतांत्रिक परंपरा पर जोर दिया. थरूर ने कहा कि यह संदेश विदेशी प्रतिनिधियों के लिए बहुत अहम था. उन्होंने बताया कि वे ब्रिटेन की संसद के दोनों सदनों के स्पीकर से भी मिले. थरूर ने संसद के सेंट्रल हॉल में बातचीत की तस्वीरें भी साझा की. उन्होंने इसे एक दुर्लभ और खास पल कहा. उनके मुताबिक यह बैठक भारत की कूटनीतिक ताकत को दिखाती है.
कांग्रेस के भीतर इस तारीफ पर असहजता क्यों
थरूर पहले भी मोदी के भाषणों की तारीफ कर चुके हैं. इससे उनकी पार्टी में असहजता दिखी है. कांग्रेस नेतृत्व अक्सर सरकार की आलोचना करता है लेकिन थरूर का नजरिया थोड़ा अलग रहता है. उन्होंने नवंबर में भी मोदी के एक भाषण की सराहना की थी. तब उन्होंने कहा था कि भारत को अपनी संस्कृति पर गर्व होना चाहिए. पार्टी के कुछ नेताओं ने इसे पसंद नहीं किया. फिर भी थरूर कहते हैं कि वह अच्छे विचारों की तारीफ करते हैं चाहे वह किसी भी दल से आए हों.
दुनिया को मोदी ने लोकतंत्र पर क्या संदेश दिया
प्रधानमंत्री मोदी ने सम्मेलन में कहा कि भारत का लोकतंत्र लोगों की उम्मीदों पर टिका है. उन्होंने कहा कि सरकार बिना भेदभाव सब तक योजनाएं पहुंचा रही है. मोदी ने बताया कि इससे करोड़ों लोग गरीबी से बाहर आए. उन्होंने कहा कि भारत की ताकत उसकी विविधता है. यहां हर भाषा और संस्कृति को सम्मान मिलता है. उन्होंने विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की तकनीक और नवाचार अपनाने का भी न्योता दिया.
ग्लोबल साउथ को भारत क्या दिखा रहा है
मोदी ने कहा कि भारत हमेशा ग्लोबल साउथ की आवाज बनता है. उन्होंने बताया कि हर अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत विकासशील देशों की समस्याएं उठाता है. उनका कहना था कि लोकतंत्र तभी मजबूत होता है जब वह आम आदमी तक पहुंचे. भारत इसी मॉडल को आगे बढ़ा रहा है. मोदी ने कहा कि भारत के अनुभव बाकी देशों के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं.
विदेशी प्रतिनिधियों ने संसद में क्या देखा
विदेशी मेहमानों ने भारतीय संसद की कार्यप्रणाली को करीब से देखा. उन्होंने अलग अलग दलों के सांसदों से बातचीत की. शशि थरूर ने बताया कि उन्हें भारत की बहस और चर्चा की संस्कृति पसंद आई. सेंट्रल हॉल में सभी ने भारत के इतिहास और संविधान को महसूस किया. यह अनुभव भारत की लोकतांत्रिक जड़ों को दिखाता है. यह सम्मेलन केवल एक औपचारिक बैठक नहीं था. यह भारत की वैश्विक छवि को मजबूत करने का मौका था. शशि थरूर की टिप्पणी ने इसे और चर्चा में ला दिया. उनके बयान से यह दिखा कि लोकतंत्र के मुद्दे पर दलों से ऊपर सोचना जरूरी है. इस पूरे कार्यक्रम ने भारत को एक जिम्मेदार और मजबूत लोकतांत्रिक देश के रूप में पेश किया.


