'आतंकवाद के खिलाफ हम आपके साथ' पाक से टेंशन के बीच भारत को मिला रूस का समर्थन, राष्ट्रपति पुतिन ने पीएम मोदी से की बात
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की है. यह वार्ता ऐसे समय हुई है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. पुतिन ने आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ रूस का भारत को पूरा समर्थन है. उन्होंने हमले में मारे गए निर्दोष लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं जताई हैं.

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की है. यह वार्ता ऐसे समय हुई है, जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है. पुतिन ने आतंकी हमले की निंदा करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ रूस का भारत को पूरा समर्थन है. उन्होंने हमले में मारे गए निर्दोष लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं जताई हैं. उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि इस कायरतापूर्ण हमले के दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए.
राष्ट्रपति पुतिन ने न केवल आतंकी हमले की निंदा की बल्कि भारत को आतंकवाद के खिलाफ रूस के मजबूत समर्थन का आश्वासन भी दिया. उन्होंने कहा कि इस प्रकार के हमलों को अंजाम देने वालों और उनके समर्थकों को न्याय के कठघरे में लाना बेहद आवश्यक है.
दोषियों को सज़ा दिलाने पर ज़ोर
राष्ट्रपति पुतिन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस क्रूर और अमानवीय कृत्य के पीछे जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए. उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में रूस भारत के साथ खड़ा है और ऐसे जघन्य अपराधों के विरुद्ध कठोर कदम उठाने की आवश्यकता है.
रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में भारत और रूस के बीच मौजूद विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की प्रतिबद्धता दोहराई गई. यह साझेदारी दशकों पुरानी है और दोनों देशों ने इसे समय-समय पर नई ऊँचाइयाँ देने का कार्य किया है.
विजय दिवस की शुभकामनाएं और आमंत्रण
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को विजय दिवस की 80वीं वर्षगांठ पर बधाई दी, जो रूस के लिए ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण दिन है. इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने पुतिन को भारत में इस वर्ष के अंत में प्रस्तावित वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए औपचारिक निमंत्रण भी दिया. यह वार्षिक सम्मेलन भारत-रूस द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच अहम बातचीत
यह वार्ता ऐसे समय पर हुई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव फिर से गहराता नजर आ रहा है. ऐसे समय में रूस जैसे प्रमुख वैश्विक शक्ति का भारत के साथ खड़ा होना न केवल राजनयिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्रीय स्थिरता के लिए भी शुभ संकेत है.
दोनों नेताओं की यह वार्ता केवल आतंकवाद के खिलाफ साझा दृष्टिकोण को ही नहीं दर्शाती, बल्कि भारत-रूस संबंधों की स्थिरता और परस्पर सहयोग की भावना को भी मजबूती प्रदान करती है.


