मणिपुर में फिर खूनखराबा! सशस्त्र बदमाशों ने घरों में लगाई आग, प्रशासन ने कर्फ्यू लगाकर इंटरनेट सेवाएं की बंद
मणिपुर के उखरुल जिले में फैल रहे हिंसा को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कर्फ्यू लगाने की घोषणा की है. साथ ही 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं.

नई दिल्ली: मणिपुर के उखरुल जिले में हाल ही में फिर से हिंसा भड़क गई है. तनाव बढ़ने के कारण प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया है और 5 दिनों के लिए इंटरनेट सेवाएं भी निलंबित कर दी गई हैं. यह कदम स्थिति को नियंत्रित करने और अफवाहों को रोकने के लिए उठाया गया है.
कैसे शुरू हुई उखरुल में हिंसा?
उखरुल जिले के लिटान सारेइखोंग गांव में शनिवार रात एक छोटी-सी मारपीट की घटना हुई. तांगखुल नागा समुदाय के एक व्यक्ति पर हमला हुआ, जिसके बाद दोनों तरफ से तनाव बढ़ गया. रविवार शाम को दो जनजातीय समूहों (तांगखुल नागा और कुकी) के बीच पत्थरबाजी हुई.
रात में सशस्त्र लोगों ने कई घरों में आग लगा दी. रिपोर्ट्स के मुताबिक 20 से 30 घर जल गए, जिनमें तांगखुल और कुकी दोनों समुदायों के मकान शामिल हैं. कुछ सरकारी क्वार्टर भी प्रभावित हुए.
लोगों में फैला दहशत
हिंसा की वजह से गांव में डर का माहौल है. कई परिवार रातों-रात सामान लेकर सुरक्षित जगहों पर भाग गए. पड़ोसी जिलों में शरण लेने वाले लोग भी बताए जा रहे हैं. हालांकि पुलिस ने कुछ अफवाहों का खंडन किया है कि कोई बड़ा पलायन नहीं हुआ.
प्रशासन का एक्शन और शांति की अपील
जिला मजिस्ट्रेट ने लिटान इलाके में पहले से निषेधाज्ञा लगा दी थी. हिंसा बढ़ने पर पूरे जिले में कर्फ्यू लागू कर दिया गया. लोग घरों से बाहर नहीं निकल सकते. सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ा दी गई है. गृह विभाग के आदेश में कहा गया है कि इंटरनेट बंद करने से गलत सूचनाएं फैलने से रोका जा सकेगा. यह बंद 5 दिनों तक रहेगा.पुलिस ने स्थिति नियंत्रण में होने का दावा किया है, लेकिन तनाव बरकरार है.
ग्राम निकायों ने केंद्र और राज्य सरकार से अतिरिक्त सुरक्षा बल मांगे हैं. प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने की मांग की गई है. पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर विश्वास न करने और शांति बनाए रखने की अपील की है. मणिपुर में यह हिंसा पुराने जातीय तनाव से जुड़ी दिख रही है, जिसे जल्द सुलझाने की जरूरत है.


