77वें गणतंत्र दिवस से पहले PAK की नापाक हरकत, कठुआ में दिखे संदिग्ध ड्रोन...सर्च ऑपरेशन जारी
जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में संदिग्ध ड्रोन देखे जाने से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं. ड्रोन दिखते ही इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया. इससे पहले सांबा में भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं.

कठुआ : जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले में रविवार को संदिग्ध ड्रोन की गतिविधि सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गईं. अधिकारियों के अनुसार, यह ड्रोन करीब पांच मिनट तक आसमान में देखा गया, जिसके बाद तुरंत इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया. सुरक्षा बलों ने आसपास के क्षेत्रों में गहन सर्च ऑपरेशन चलाया ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्रोन कहां से आया और उसका उद्देश्य क्या था.
सुरक्षा एजेंसियों ने शुरू किया सघन तलाशी अभियान
इससे पहले सांबा में भी दिखा था संदिग्ध ड्रोन
गौरतलब है कि इससे पहले 15 जनवरी को जम्मू-कश्मीर के सांबा जिले के रामगढ़ सेक्टर में भी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास ड्रोन देखे जाने की खबर सामने आई थी. केसो महांसन गांव के नजदीक संदिग्ध पाकिस्तानी ड्रोन की सूचना मिलने के बाद पूरे इलाके में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया था. उस समय भी सुरक्षा बलों ने तुरंत जवाबी कार्रवाई करते हुए निगरानी बढ़ा दी थी और ड्रोन रोधी उपाय सक्रिय कर दिए गए थे.
सेना प्रमुख का सख्त संदेश
भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने हाल ही में कहा कि ड्रोन गतिविधियों को लेकर भारत ने पाकिस्तान को साफ शब्दों में चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि नियंत्रण रेखा और अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास इस तरह की हरकतें स्वीकार्य नहीं हैं. सेना प्रमुख के मुताबिक, भारत ने पाकिस्तान को सूचित कर दिया है कि ड्रोन के जरिए निगरानी या किसी भी तरह की गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
DGMO स्तर पर हुई बातचीत
जनरल द्विवेदी ने यह भी जानकारी दी कि हाल ही में भारत और पाकिस्तान के बीच डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) स्तर की बातचीत हुई, जिसमें ड्रोन घुसपैठ का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया. भारत ने इस बातचीत में पाकिस्तान से अपने ड्रोन ऑपरेशन पर नियंत्रण रखने की मांग की. उन्होंने कहा कि भारतीय सेना किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
छोटे निगरानी ड्रोन होने की आशंका
सेना प्रमुख के अनुसार, हाल में दिखे ड्रोन संभवतः छोटे आकार के निगरानी ड्रोन हो सकते हैं, जिनका इस्तेमाल सीमा पार से भारतीय गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किया जा रहा है. हालांकि, सुरक्षा एजेंसियां हर पहलू से जांच कर रही हैं ताकि किसी बड़ी साजिश की संभावना को समय रहते रोका जा सके.
ऑपरेशन सिंदूर के बीच बढ़ी चौकसी
पश्चिमी सीमा पर चल रहे ऑपरेशन सिंदूर के तहत पहले से ही सुरक्षा कड़ी है. ऐसे में ड्रोन गतिविधियों की खबर ने एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. सेना और अन्य सुरक्षा बलों ने साफ किया है कि किसी भी तरह की दुस्साहसिक कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा और देश की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा.


