अजित पवार के निधन के बाद कौन संभालेगा उनकी कुर्सी? ये नाम हैं रेस में सबसे आगे
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन से महाराष्ट्र की राजनीति लड़खड़ा गई है. उनके निधन के बाद अब सबसे सवाल ये है कि उनकी विरासत कौन संभालेगा?

महाराष्ट्र: महाराष्ट्र की राजनीति में 'दादा' के नाम से मशहूर अजित पवार का आज सुबह बारामती में विमान दुर्घटना में निधन हो गया. मुंबई से बारामती आते समय लैंडिंग के दौरान हुआ यह हादसा पूरे राज्य की सियासत को हिला कर रख दिया है. अजित पवार सिर्फ नेता नहीं थे, बल्कि मजबूत प्रशासनिक पकड़ और बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते थे. उनके जाने से अब बड़ा सवाल है कि उनकी विरासत कौन संभालेगा?
परिवार का सियासी समीकरण
अजित पवार का जन्म बारामती के आसपास हुआ था. उनके पिता अनंतराव पवार (दिवंगत) फिल्म निर्माता वी. शांताराम के साथ काम कर चुके थे. मां आशाताई पवार आज भी जीवित हैं. अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद हैं और सामाजिक कामों में सक्रिय रही हैं. उनके दो बेटे हैं बड़ा पार्थ पवार और छोटा जय पवार.
सुनेत्रा पवार सबसे मजबूत दावेदार
सुनेत्रा पवार विरासत संभालने में सबसे आगे दिख रही हैं. वे राज्यसभा सदस्य हैं और बारामती में लंबे समय से सक्रिय हैं. बारामती टेक्सटाइल पार्क की चेयरपर्सन रह चुकी हैं. अजित पवार के कार्यकर्ता और वोट बैंक को एकजुट रखने के लिए वे स्वाभाविक चेहरा मानी जा रही हैं. पार्टी में उनकी स्वीकार्यता अच्छी है और भावनात्मक अपील भी मजबूत हो सकती है.
पार्थ पवार के सामने चुनौतीपूर्ण रास्ता
बड़े बेटे पार्थ पवार राजनीति में पहले से सक्रिय हैं. 2019 में मावल से लोकसभा चुनाव लड़े, लेकिन हार मिली. वे पिता के साथ कई कार्यक्रमों में नजर आए. युवा चेहरा होने से पार्टी के कुछ धड़े उनका समर्थन कर सकते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर पिता जैसा करिश्मा अभी नहीं बना. विपक्ष भी उन्हें निशाना बनाता रहा है.
जय पवार बन सकते हैं 'डार्क हॉर्स'
छोटे बेटे जय पवार मुख्य रूप से पारिवारिक व्यवसाय संभालते हैं. राजनीति में कम सक्रिय रहे, लेकिन पर्दे के पीछे रणनीति बनाने में माहिर माने जाते हैं. अजित पवार अक्सर उन्हें साथ ले जाते थे. हाल में उनकी शादी एक राजनीतिक परिवार से हुई. कई लोग उनमें 'दादा' की छवि देखते हैं, इसलिए वे 'डार्क हॉर्स' बन सकते हैं.
चर्चा में युगेंद्र पवार
अजित पवार के भतीजे युगेंद्र पवार (श्रीनिवास पवार के बेटे) भी चर्चा में हैं. 2024 में उन्होंने शरद पवार गुट से अजित पवार के खिलाफ चुनाव लड़ा था. अब अजित पवार के निधन से बारामती में सहानुभूति की लहर उनके परिवार को फायदा दे सकती है या पुराना परिवारिक गुट वापस मजबूत हो सकता है. अजित पवार महायुति गठबंधन के मजबूत स्तंभ थे.
उनकी विरासत संभालने वाला वही होगा जो बारामती के साथ राज्य स्तर पर पार्टी को एकजुट रख सके. फिलहाल सुनेत्रा पवार सबसे मजबूत लग रही हैं, लेकिन पार्थ और जय के बीच भूमिका बंटवारा आने वाले दिनों में साफ होगा. यह महाराष्ट्र की सियासत के लिए बड़ा बदलाव ला सकता है.


