केदारनाथ हेलीकॉप्टर क्रैश के बाद बड़ा फैसला, चारधाम यात्रा में हेली सेवा पर रोक

केदारनाथ हेलीकॉप्टर क्रैश के बाद उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवाओं पर रोक लगा दी है. यह रोक अगले आदेश तक प्रभावी रहेगी. मुख्यमंत्री धामी ने हेली सेवाओं को लेकर सख्त एसओपी तैयार करने और तकनीकी जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए हैं.

Dimple Yadav
Edited By: Dimple Yadav

उत्तराखंड के केदारनाथ में मंगलवार को बड़ा हादसा हुआ, जब एक हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया. यह दुर्घटना रुद्रप्रयाग जिले के गौरीकुंड क्षेत्र के पास हुई, जिसमें हेलीकॉप्टर में सवार सभी 7 लोगों की मौत हो गई. शुरुआती जांच में सामने आया है कि हादसे की वजह खराब मौसम रही. इस हादसे ने राज्य सरकार और देशभर को झकझोर कर रख दिया है.

दुर्घटना के बाद उत्तराखंड सरकार ने गहरा दुख व्यक्त किया है और चारधाम यात्रा में हेलीकॉप्टर सेवाओं पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. यह रोक अगला आदेश आने तक जारी रहेगी. राज्य सरकार के इस फैसले को यूकाडा (UCADA) और डीजीसीए (DGCA) का भी समर्थन मिला है.

मुख्यमंत्री धामी का सख्त रुख, एसओपी बनाने का निर्देश

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे को गंभीरता से लेते हुए हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन को लेकर एक सख्त एसओपी (Standard Operating Procedure) तैयार करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि अब किसी भी उड़ान से पहले हेलीकॉप्टर की तकनीकी जांच और मौसम की सटीक जानकारी लेना अनिवार्य होगा.

तकनीकी विशेषज्ञों की समिति गठित होगी

मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि एक तकनीकी विशेषज्ञ समिति गठित की जाए. यह समिति हेलीकॉप्टर संचालन के सभी तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं की गहराई से समीक्षा करेगी. इसके बाद ही एक मजबूत और व्यावहारिक एसओपी तैयार की जाएगी, जिससे भविष्य में इस तरह की दुर्घटनाओं को रोका जा सके.

पिछली दुर्घटनाओं की भी होगी जांच

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि समिति को पूर्व में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं की भी जांच करनी होगी. अगर किसी भी व्यक्ति या संस्था की लापरवाही सामने आती है, तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

तीर्थ यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि

राज्य सरकार ने कहा है कि चारधाम यात्रा में शामिल यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है. किसी भी कीमत पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी. जब तक सभी सुरक्षा मानकों की समीक्षा पूरी नहीं होती, हेलीकॉप्टर सेवाएं बंद रहेंगी.

पर्यटन और प्रशासन सतर्क

हादसे के बाद राज्य का पर्यटन विभाग और प्रशासन हाई अलर्ट पर है. स्थानीय अधिकारियों को हेलीपैड और उड़ानों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा गया है.

भविष्य के लिए सबक

यह हादसा उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में हवाई सेवाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है. अब देखना होगा कि एसओपी और सख्त नियमों से भविष्य में चारधाम यात्रियों को सुरक्षित हवाई सेवा मिल पाती है या नहीं.

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