बिहार पुलिस में आधी रात बड़ा एक्शन! 54 DSP अधिकारियों के तबादले से मचा हड़कंप
बिहार पुलिस और प्रशासनिक ढांचे में बड़े पैमाने पर फेरबदल करते हुए पिछले 48 घंटों के भीतर 100 से अधिक डीएसपी (DSP) स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं.

बिहार: बिहार की प्रशासनिक और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए सम्राट चौधरी सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. राज्य के पुलिस और प्रशासनिक ढांचे में बड़े पैमाने पर फेरबदल करते हुए पिछले 48 घंटों के भीतर 100 से अधिक डीएसपी (DSP) स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए गए हैं. इसके साथ ही, शासन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए 34 आईएएस (IAS) अधिकारियों को भी जिलों की नई कमान सौंपी गई है. सरकार के इस त्वरित और व्यापक कदम को प्रशासनिक व्यवस्था में एक 'महा-सिस्टम क्लीनअप' के तौर पर देखा जा रहा है.
पुलिस महकमे में भारी उलटफेर
बिहार की प्रशासनिक और कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए सम्राट चौधरी सरकार ने एक बहुत बड़ा कदम उठाया है. नई नियुक्तियों के तहत मोहम्मद अली अंसारी को एआईजी (ट्रैफिक) बनाया गया है. आशीष कुमार सिंह को पटना ट्रैफिक पुलिस में डीएसपी की अहम जिम्मेदारी दी गई है. सरकार ने पिछले 2 दिन के भीतर 100 से ज्यादा DSP स्तर के अधिकारिओं के तबादले किये है. इससे पहले शुक्रवार को भी 61 DSP और दो IPS का तबादला किया था. सरकार के इस कदम को सिस्टम के क्लीन उप के तौर पर देखा जा रहा है.
34 IAS अफसरों को जिलों का प्रभार
पुलिस विभाग के साथ-साथ नागरिक प्रशासन में भी बड़ा बदलाव हुआ है. राज्य के 34 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों को विभिन्न जिलों का प्रभारी सचिव नियुक्त किया गया है. इसके तहत वरिष्ठ अधिकारी विनय कुमार को राजधानी पटना का प्रभार मिला है, जबकि कुमार रवि को नालंदा जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है. ये प्रभारी सचिव सीधे तौर पर आवंटित जिलों में जाकर सरकारी योजनाओं की नियमित समीक्षा करेंगे. सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनकल्याणकारी योजनाएं बिना किसी देरी के जमीनी स्तर पर आम जनता तक पहुंचें और उनकी सख्त मॉनिटरिंग की जा सके.
प्रशासनिक बदलाव का मुख्य उद्देश्य?
राजनीतिक और प्रशासनिक विश्लेषकों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में किए गए तबादले कानून-व्यवस्था को नए सिरे से स्थापित करने की एक सोची-समझी रणनीति है. इसका मुख्य उद्देश्य पुलिसिंग की महत्वपूर्ण इकाइयों को सशक्त बनाना, उभरती हुई सुरक्षा चुनौतियों जैसे साइबर अपराध और संगठित अपराधों पर लगाम कसना है. इसके साथ ही, विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल को बेहतर कर पुलिस की प्रतिक्रिया क्षमता और जनता के प्रति जवाबदेही को बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है.


