CM सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान! बिहार में लगेंगी दो बड़ी सीमेंट फैक्टरियां, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार
सीएम सम्राट चौधरी ने आज घोषणा करते हुए जानकारी दी है कि बिहार के मुजफ्फरपुर-किशनगंज में दो सीमेंट फैक्ट्री खुलेगी. इससे युवाओं को रोजगार भी मिलेगा.

पटना: बिहार में नई सरकार बनने के बाद औद्योगिक विकास को नई गति मिलने वाली है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य में बड़े निवेश की घोषणा की है. उन्होंने बताया कि मुजफ्फरपुर और किशनगंज में दो बड़ी सीमेंट फैक्टरियां लगेगी, जबकि हाजीपुर में देश का तीसरा NIFTEM संस्थान बनेगा.
CM सम्राट की घोषणा
वट-सावित्री पूजा के अवसर पर गर्दनीबाग ठाकुरबाड़ी में पूजा-अर्चना के बाद CM सम्राट चौधरी ने यह खुशखबरी दी. उन्होंने एक्स पर लिखा कि बिहार में औद्योगिक निवेश का नया अध्याय शुरू हो रहा है. राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 67वीं बैठक में इन परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है.
बिहार में औद्योगिक निवेश का नया अध्याय शुरू हो चुका है। राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड (SIPB) की 67वीं बैठक में मुजफ्फरपुर और किशनगंज में डालमिया और अंबुजा सीमेंट की बड़ी इकाइयों को स्वीकृति दी गई है।
साथ ही 16 परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस और 4 परियोजनाओं को वित्तीय मंजूरी… pic.twitter.com/6ol7FNiNUp— Samrat Choudhary (@samrat4bjp) May 16, 2026
मुजफ्फरपुर और किशनगंज में सीमेंट प्लांट
मुजफ्फरपुर और किशनगंज में डालमिया और अंबूजा सीमेंट कंपनियों की बड़ी इकाइयों को स्वीकृति मिली है. इन फैक्टरियों के लगने से स्थानीय स्तर पर हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा.
खासकर उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र के युवाओं को अपने राज्य में ही नौकरी के अवसर मिल सकेंगे. सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से परिवहन, निर्माण और छोटे-मोटे कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा.
हाजीपुर में बनेगा NIFTEM
वैशाली जिले के हाजीपुर में 100 एकड़ भूमि पर देश का तीसरा राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता एवं प्रबंधन संस्थान (NIFTEM) स्थापित किया जाएगा.
यह संस्थान खाद्य प्रसंस्करण, अनुसंधान, तकनीकी शिक्षा और उद्यमिता का प्रमुख केंद्र बनेगा. इससे बिहार के कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी. मक्का, मखाना, फल-सब्जी और अन्य कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग बढ़ने से किसानों की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है.
रोजगार और विकास पर प्रभाव
इन परियोजनाओं से पलायन कम होने, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होने और युवाओं को बेहतर अवसर मिलने की संभावना है. राज्य सरकार इन्हें “विकसित बिहार” के लक्ष्य से जोड़कर देख रही है. SIPB की बैठक में कुल 16 परियोजनाओं को स्टेज-1 क्लीयरेंस और 4 परियोजनाओं को वित्तीय मंजूरी भी दी गई है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि ये फैसले बिहार को औद्योगिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं. आने वाले समय में ये परियोजनाएं बिहार की अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है.


