25 BLOs की मौत के बाद एक्शन में BJP, कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर उठाया ये बड़ा कदम
देश के 13 राज्यों में चल रहे SIR अभियान के दौरान बीएलओ पर बढ़ते दबाव और 25 मौतों ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है. आरोप है कि कई जगह उन्हें धमकाया भी जा रहा है. इसी पृष्ठभूमि में बीजेपी ने सात सदस्यों की राष्ट्रीय समन्वय समिति और 13 राज्यों में मॉनिटरिंग टीमें बनाई हैं, जो SIR प्रक्रिया की समीक्षा करेंगी.

नई दिल्ली : देश के 13 राज्यों में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) अभियान के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर्स पर बढ़ते दबाव और लगातार सामने आ रहे गंभीर मामलों ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है. दूसरे चरण की शुरुआत के मात्र 22 दिनों में सात राज्यों से कुल 25 बीएलओ की मौत की खबरें सामने आई हैं, जिससे इस प्रक्रिया के दौरान उन पर पड़ रहे अत्यधिक कार्यभार पर सवाल उठने लगे हैं. कुछ बीएलओ ने धमकाने और डराने जैसी स्थितियों की भी शिकायत की है, जिससे उनकी सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर बहस गर्म है.
बीएलओ सुरक्षा पर नया राजनीतिक विवाद
बीजेपी की राष्ट्रीय समन्वय समिति
बीएलओ को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच भारतीय जनता पार्टी ने SIR के संचालन की समीक्षा के लिए एक राष्ट्रीय समन्वय समिति का गठन किया है. सात सदस्यों वाली इस टीम का नेतृत्व राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ कर रहे हैं. समिति में डॉ. के. लक्ष्मण, के. अन्नामलाई, ओम प्रकाश धनखड़, अलका गुर्जर, डॉ. अनिरबन गांगुली और जमयांग त्सेरिंग नामग्याल भी शामिल हैं. यह टीम अलग-अलग राज्यों का दौरा कर SIR प्रक्रिया की वास्तविक स्थिति और बीएलओ को सामने आ रही चुनौतियों का आकलन करेगी तथा किसी भी गड़बड़ी को शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाएगी.
13 राज्यों में बनी अलग मॉनिटरिंग टीमें
राष्ट्रीय समिति के अतिरिक्त, बीजेपी ने उन सभी 13 राज्यों में अलग-अलग स्टेट मॉनिटरिंग टीमें भी गठित की हैं जहाँ SIR प्रक्रिया चल रही है. इन टीमों का काम स्थानीय स्तर पर बीएलओ से मुलाकात कर समस्याओं की पहचान करना और पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को स्थिति की सटीक रिपोर्ट देना है. ये मॉनिटरिंग टीमें अंडमान-निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और असम में सक्रिय हो चुकी हैं. अधिकांश राज्यों में 4 से 5 सदस्यीय टीमें बनाई गई हैं, जबकि लक्षद्वीप की टीम का समन्वय राज्य BJP अध्यक्ष के.एन. कोया कर रहे हैं.
टीम के सदस्यों ने अपना काम शुरू भी कर दिया है और इन्हीं के तहत अनिरबन गांगुली आज पश्चिम बंगाल के नादिया ज़िले में SIR की प्रगति का आकलन करने पहुँचे हैं.


