भारत में निपाह वायरस का मंडराया खतरा! टेस्ट नेगेटिव आने के बाद भी नर्स की हुई मौत, जानिए कैसे फैल रहा यह खतरनाक बीमारी

भारत में निपाह वायरस ने दस्तक दे दी है. चमगादड़ों से शुरू होकर इंसानों तक पहुंचने वाला इस वायरस ने पैर पसारना शुरू कर दिया है. इस वायरस पश्चिम बंगाल में पहली मौत हुइ है.

Sonee Srivastav

पश्चिम बंगाल: निपाह वायरस एक खतरनाक बीमारी है जो जानवरों से इंसानों में फैलती है. यह वायरस चमगादड़ों से शुरू होकर इंसानों तक पहुंच सकता है. हाल ही में पश्चिम बंगाल में इस वायरस ने एक जान ले ली है. राज्य में यह हाल के वर्षों में निपाह से हुई पहली मौत है. स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना की पुष्टि की है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है. 

25 साल की नर्स की मौत

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के बारासात स्थित एक निजी अस्पताल में काम करने वाली 25 साल की महिला नर्स निपाह वायरस से संक्रमित हो गई थी. जनवरी 2026 में सामने आए दो मामलों में से एक यह नर्स थी. दूसरा मामला एक पुरुष नर्स का था, जो इलाज के बाद पूरी तरह ठीक होकर घर लौट चूका है. महिला नर्स की हालत शुरू से ही बहुत गंभीर रही. 

उन्हें लंबे समय तक आईसीयू और वेंटिलेटर पर रखा गया. डॉक्टरों ने उनका लगातार इलाज किया. कुछ समय पहले उनका निपाह वायरस टेस्ट नेगेटिव आया था, यानी वायरस शरीर से खत्म हो चुका था, लेकिन इलाज के दौरान जटिलताएं बढ़ गई. लंबे कोमा में रहने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो गई और फेफड़ों में संक्रमण हो गया. आखिरकार 12 फरवरी 2026 को कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हो गई. 

निपाह वायरस के लक्षण

निपाह वायरस मुख्य रूप से फल चमगादड़ों से फैलता है. यह संक्रमित फलों, खजूर के रस या सीधे संपर्क से इंसानों में पहुंच सकता है. अस्पतालों में मरीजों की देखभाल के दौरान भी यह फैल सकता है, जैसा कि इस मामले में हुआ.

इसके शुरुआती लक्षण बुखार, सिरदर्द, उल्टी और गले में खराश है. बाद में यह मस्तिष्क पर असर करता है, जिससे कोमा या मौत हो सकती है. मौत का खतरा 40 से 75 प्रतिशत तक होता है. अभी तक इसका कोई खास इलाज या वैक्सीन नहीं है. इसलिए बचाव बहुत जरूरी है.

छ देशों ने स्क्रीनिंग कर दी शुरू

जनवरी में दो मामलों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत कार्रवाई की. संक्रमितों के संपर्क में आए करीब 196 लोगों की जांच की गई, लेकिन किसी में वायरस नहीं पाया गया. कोई नया केस नहीं आया है. केंद्र सरकार ने विशेषज्ञ टीम भेजी और निगरानी बढ़ा दी. एयरपोर्ट पर भी कुछ देशों ने स्क्रीनिंग शुरू कर दी है. 

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