तेजस जेट इंजन डिलीवरी में देरी पर HAL सख्त, GE एयरोस्पेस पर लगाया जुर्माना

हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने तेजस जेट के इंजन की डिलीवरी में देरी को लेकर GE एयरोस्पेस पर जुर्माना लगाया है. इस देरी से भारतीय वायु सेना (IAF) को मिलने वाले विमानों की आपूर्ति प्रभावित हुई है.

Yogita Pandey
Edited By: Yogita Pandey

नई दिल्ली: भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रम को झटका देते हुए इंजन सप्लाई में देरी का मामला सामने आया है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने GE एयरोस्पेस पर तेजस लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) मार्क-1A के इंजनों की डिलीवरी में देरी को लेकर जुर्माना लगाया है.

HAL के अनुसार, यह कार्रवाई अनुबंध की शर्तों के तहत की गई है, जिसमें समय पर डिलीवरी न होने पर हर्जाने का प्रावधान पहले से मौजूद है. इस देरी का सीधा असर भारतीय वायु सेना (IAF) को मिलने वाले तेजस विमानों की आपूर्ति पर पड़ा है.

HAL प्रमुख ने की पुष्टि

HAL के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक डीके सुनील ने इस कदम की पुष्टि करते हुए बताया कि इंजन सप्लाई में देरी के कारण तेजस मार्क-1A की डिलीवरी शेड्यूल प्रभावित हुआ है.

ब्रेक सिस्टम खराबी से उड़ान पर असर

तेजस एलसीए एमके-1 विमानों का संचालन फरवरी से रोक दिया गया था, जब ब्रेक सिस्टम में तकनीकी खराबी के चलते एक विमान रनवे से आगे निकल गया था.

हालांकि, अब इस सॉफ्टवेयर समस्या को ठीक कर लिया गया है और अधिकारियों के मुताबिक, ये विमान जल्द ही फिर से उड़ान भरने लगेंगे.

सुनील ने कहा,"स्थानीय समिति ने संशोधन को मंजूरी दे दी है और विमानों के अप्रैल से उड़ान भरने की संभावना है."

तेजस एमके-1A डिलीवरी में आई रुकावट

तेजस एमके-1A वेरिएंट, जो 83 विमानों के लिए HAL और रक्षा मंत्रालय के बीच फरवरी 2021 में हुए 48,000 करोड़ रुपये के सौदे का हिस्सा है, इंजन आपूर्ति में देरी के कारण प्रभावित हुआ है.

बताया गया है कि GE एयरोस्पेस तय समयसीमा के अनुसार इंजन उपलब्ध कराने में पीछे रहा है.

99 में से केवल 6 इंजन की डिलीवरी

ऑर्डर किए गए 99 इंजनों में से अब तक केवल छह इंजन ही डिलीवर किए गए हैं, जिनमें पहला इंजन मार्च 2025 में मिला था.

HAL अधिकारियों के अनुसार, कंपनी ने इस वर्ष के अंत तक 20 और इंजन देने का आश्वासन दिया है.

सुनील ने मीडिया से कहा,"बीस एलसीए एमके-1ए तैयार हैं, जिनमें पांच नए इंजन लगे हैं. एएसराम मिसाइल के परीक्षण और रडार सॉफ्टवेयर अपग्रेड पूरे होने के बाद डिलीवरी शुरू होगी."

देरी के पीछे वैश्विक सप्लाई चेन का हवाला

GE एयरोस्पेस ने देरी के पीछे वैश्विक सप्लाई चेन में आई बाधाओं को कारण बताया है. कंपनी का कहना है कि भारतीय ऑर्डर को पूरा करने के लिए उत्पादन बढ़ाया जा रहा है.

HAL ने यह भी जानकारी दी है कि छठा इंजन इस महीने के अंत तक मिलने की उम्मीद है, जिससे विमानों की तैयारियों में सुधार होगा.

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