चक्का जाम और DL रिन्यू की देरी पर अब नहीं होगी जेल! जन विश्वास बिल में हुए बड़े बदलाव
जन विश्वास बिल लागू होते ही कई पुराने अपराध अब अपराध नहीं रहेंगे. ड्राइविंग लाइसेंस से लेकर झूठे आग लगने के अलार्म तक, दर्जनों मामलों में सजा के प्रावधान बदल जाएंगे.

देश की संसद से जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) बिल पारित हो गया है. गजट नोटिफिकेशन जारी होते ही यह बिल कानून की शक्ल ले लेगा. इस बिल के लागू होने के बाद मौजूदा कानूनों के कई अपराध अपराध की श्रेणी से बाहर हो जाएंगे. वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल का दावा है कि इससे जनता की ईज ऑफ लिविंग बेहतर होगी और जीवनस्तर में बदलाव आएगा. उन्होंने इसे ‘राम राज्य’ की अवधारणा से जोड़ते हुए उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है.
जन विश्वास बिल से 80 केंद्रीय कानूनों में संशोधन
जन विश्वास बिल के जरिये 80 केंद्रीय कानून संशोधित किए गए हैं. इस संशोधन के जरिये करीब एक हजार अपराध अपराध के दायरे से बाहर कर दिए गए हैं. कुछ अपराधों में सजा का प्रावधान हटाकर जुर्माना जोड़ा गया है. वहीं, कुछ अपराध ऐसे भी हैं जिनमें अब केवल चेतावनी देकर छोड़ दिया जाएगा.
ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़ी राहत
ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता अवधि समाप्त होने के बाद इसके रिन्यू कराने में मामूली देरी अपराध के दायरे से बाहर होगी. अब ड्राइविंग लाइसेंस वैधता समाप्त होने के बाद 30 दिन तक वैलिड माना जाएगा. डीएल रिन्यू कराने पर उसकी वैधता अवधि की गणना रिन्यू कराने की तारीख से की जाएगी, वैधता समाप्त होने की तारीख से नहीं.


