हुमायूं कबीर का बड़ा ऐलान, '11 फरवरी से शुरू होगा बाबरी मस्जिद का निर्माण'

हुमायूं कबीर ने कहा कि 11 फरवरी को बाबरी मस्जिद के निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत की जाएगी. इस मौके पर लगभग पांच हजार लोगों के एकत्र होने की संभावना है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पश्चिम बंगाल की सियासत में विधानसभा चुनाव से पहले हलचल तेज होती नजर आ रही है. राज्य में एक नए राजनीतिक समीकरण के संकेत मिल रहे हैं. जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के अध्यक्ष हुमायूं कबीर ने शुक्रवार शाम मुर्शिदाबाद में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रदेश अध्यक्ष इमरान सोलंकी से मुलाकात की. इस बैठक को आगामी चुनावों से पहले संभावित गठबंधन की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है.

हुमायूं कबीर का बड़ा ऐलान 

बैठक के बाद हुमायूं कबीर ने एक बड़ा ऐलान भी किया. उन्होंने बताया कि 11 फरवरी को बाबरी मस्जिद के निर्माण कार्य की औपचारिक शुरुआत की जाएगी. कबीर के अनुसार, इस मौके पर लगभग पांच हजार लोगों के एकत्र होने की संभावना है. कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10 बजे होगी, जिसमें करीब डेढ़ घंटे तक पवित्र कुरान का पाठ किया जाएगा. इसके बाद दोपहर 12 बजे निर्माण स्थल पर नींव रखी जाएगी.

कबीर ने कहा कि इस आयोजन में राज्य के विभिन्न हिस्सों से मुस्लिम बुद्धिजीवी, शिक्षाविद और ट्रस्ट से जुड़े लोग शामिल होंगे. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कार्यक्रम को राजनीतिक रंग देने से बचा जाएगा और उन लोगों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है, जो राजनीति से दूर रहकर सामाजिक और धार्मिक कार्यों में सक्रिय रहते हैं. उनके मुताबिक, यह पहल धार्मिक आस्था और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक होगी.

तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला 

राजनीतिक मोर्चे पर हुमायूं कबीर ने सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि बंगाल में मौजूदा सरकार से जनता असंतुष्ट है और एक मजबूत विकल्प की तलाश में है. इसी को ध्यान में रखते हुए JUP, AIMIM और SDPI के साथ गठबंधन की संभावनाओं पर बातचीत कर रही है. कबीर का दावा है कि मार्च महीने में कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक विशाल जनसभा आयोजित की जाएगी, जिसमें AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी मौजूद रहेंगे. उन्होंने कहा कि यह रैली राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव लाने वाली साबित होगी.

सूत्रों के अनुसार, हुमायूं कबीर और ओवैसी की पार्टी के बीच दिसंबर से ही संवाद चल रहा था. इमरान सोलंकी के साथ हुई ताजा बैठक ने इन अटकलों को और मजबूत कर दिया है. AIMIM की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि पार्टी बंगाल में मुस्लिम, दलित और वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए पूरी मजबूती से संघर्ष करेगी. आने वाले दिनों में यह संभावित गठबंधन राज्य की राजनीति को किस दिशा में ले जाएगा. इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो

close alt tag