131वें मन की बात में बोले पीएम मोदी, 'एआई इम्पैक्ट समिट एक निर्णायक मोड़ है, भारत के नवाचारों से दुनिया स्तब्ध है'
प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' के 131वें एपिसोड में एआई इम्पैक्ट समिट को भारत के लिए 'निर्णायक मोड़' बताया. उन्होंने तकनीक, नवाचार, अंगदान, डिजिटल सुरक्षा और सांस्कृतिक विरासत जैसे मुद्दों पर देशवासियों से संवाद किया.

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम मन की बातt के 131वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुए तकनीक, नवाचार, सामाजिक जागरूकता और सांस्कृतिक विरासत जैसे अहम मुद्दों पर विचार साझा किए. उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के अनुभवों से की और इसे भारत के लिए "निर्णायक मोड़" बताया.
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन में भारत के नवाचारों ने वैश्विक नेताओं और तकनीकी कंपनियों के प्रमुखों को प्रभावित किया. उन्होंने कहा, "शिखर सम्मेलन की प्रदर्शनी में, मैंने विश्व नेताओं को कई चीजें दिखाईं. शिखर सम्मेलन में यह प्रदर्शित किया गया कि एआई किस प्रकार पशुओं के उपचार में मदद कर रहा है और किसान 24x7 एआई सहायता से अपने डेयरी और पशुधन की निगरानी कैसे कर सकते हैं."
विश्व स्तरीय गुणवत्ता और नवाचार पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय निर्माताओं और स्टार्टअप्स से दोषरहित और उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद विकसित करने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे उत्पाद और सेवाएं तैयार करनी चाहिए, जिन्हें वैश्विक स्तर पर सम्मान और मांग दोनों मिलें.
उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अंतरिक्ष अनुसंधान, सेमीकंडक्टर और हरित ऊर्जा जैसी उभरती तकनीकों के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, "हमारे युवा, नवप्रवर्तक और उद्यमी भारत को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता रखते हैं."
अंगदान पर भावुक अपील
प्रधानमंत्री ने केरल की युवती आलिन शेरिन अब्राहम को याद करते हुए उनके परिवार द्वारा किए गए अंगदान की सराहना की. उन्होंने कहा, "अंगदान के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और चिकित्सा अनुसंधान को भी बढ़ावा मिल रहा है. आलिन जैसी कई शख्सियतें हैं जिन्होंने अंगदान के माध्यम से किसी को नया जीवन दिया है."
सांस्कृतिक विरासत और 'पंच-प्राण' की याद
प्रधानमंत्री ने देशवासियों को गुलामी की मानसिकता से मुक्त होने और अपनी सांस्कृतिक पहचान को अपनाने का संदेश दिया. उन्होंने लाल किले से साझा किए गए ‘पंच-प्राण’ का उल्लेख किया और आने वाले राजाजी महोत्सव की जानकारी दी, जो 23 फरवरी को राष्ट्रपति भवन में आयोजित होगा तथा 24 फरवरी से 1 मार्च तक प्रदर्शनी चलेगी.
डिजिटल सुरक्षा पर सतर्कता की अपील
प्रधानमंत्री ने डिजिटल साक्षरता और सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई. उन्होंने नागरिकों से केवाईसी प्रक्रिया को समझने और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय सावधानी बरतने की अपील की.
युवा किसान की प्रेरक कहानी
उन्होंने ओडिशा के युवा किसान हिरोद पटेल का उदाहरण देते हुए कहा, "ओडिशा के युवा किसान हिरोद पटेल की कहानी वाकई प्रेरणादायक है. लगभग आठ साल पहले तक वह अपने पिता शिव शंकर पटेल के साथ पारंपरिक तरीके से धान की खेती करते थे, लेकिन फिर उन्होंने खेती को एक नए नजरिए से देखना शुरू किया."
जयललिता को श्रद्धांजलि
प्रधानमंत्री ने 24 फरवरी को पूर्व तमिलनाडु मुख्यमंत्री जे. जयललिता की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी. उन्होंने उनके नेतृत्व और जनसेवा की भावना को याद करते हुए कहा कि ऐसे नेता हमेशा लोगों के दिलों में बसे रहते हैं.
130वें एपिसोड की भी चर्चा
प्रधानमंत्री ने 'मन की बात' के 130वें एपिसोड का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने भारतीय स्टार्टअप्स और निर्माताओं से विश्व स्तरीय गुणवत्ता हासिल करने का आग्रह किया था. उन्होंने फिर दोहराया, "हमारे युवाओं, नवोन्मेषकों और उद्यमियों में भारत को वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों पर ले जाने की क्षमता है."


